पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में तीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाने की निविदा प्रक्रिया पर भवन निर्माण विभाग ने सवाल उठाए हैं। विभाग के विशेष सचिव विधान चंद्र चौधरी ने डालटनगंज भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता महेंद्र राम से पत्र मिलने के 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
तीनों मॉड्यूलर ओटी के निर्माण पर कुल दो करोड़ 11 लाख 23 हजार 750 रुपये खर्च होने का अनुमान है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्रत्येक ओटी की अनुमानित लागत 70 लाख 41 हजार 250 रुपये तय की गई है। इतनी राशि वाली योजना के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के स्थान पर ऑफलाइन निविदा आमंत्रित किए जाने पर विभाग ने आपत्ति जताई है।
विभागीय पत्र में पूर्व कार्यालय आदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली योजना की निविदा ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली से पूरी की जानी चाहिए। इसी नियम के आधार पर ऑफलाइन प्रक्रिया को अनियमित माना गया है और संबंधित अधिकारी से उसका कारण स्पष्ट करने को कहा गया है।
पत्र के मुताबिक, यह योजना सीधे भवन निर्माण विभाग से स्वीकृत या उससे संबंधित नहीं है। जिला स्तर पर योजना लागू कराने के लिए कार्यपालक अभियंता को कार्य एजेंसी बनाया गया था। हालांकि उनकी मूल सेवा भवन निर्माण विभाग के अधीन है और वह डालटनगंज भवन प्रमंडल में पदस्थापित हैं, इसलिए विभाग ने जिला स्तरीय काम में भी अपने नियमों का पालन अनिवार्य बताया है।
विभाग ने आदेश की अनदेखी को कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए पूछा है कि कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। अभी अधिकारी का पक्ष उपलब्ध विवरण में सामने नहीं आया है। ऐसे में निविदा में धांधली के आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं, बल्कि विभागीय जवाब-तलब के आधार के रूप में देखा जाना चाहिए।
विशेष सचिव के पत्र की प्रतिलिपि अभियंता प्रमुख और मुख्य अभियंता को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। आगे की स्थिति कार्यपालक अभियंता के स्पष्टीकरण और विभाग द्वारा उसकी समीक्षा के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल विभागीय कार्रवाई निविदा अपनाने की प्रक्रिया और ई-प्रोक्योरमेंट नियम के अनुपालन पर केंद्रित है।