मैट्रिक-इंटर बोर्ड परीक्षा के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य, स्कूलों में निगरानी बढ़ी

जमशेदपुर के स्कूलों में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है। निर्धारित मानक पूरा नहीं होने पर परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं मिलेगी।

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जमशेदपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से स्कूल जाना जरूरी होगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इससे कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह उपस्थिति मानक 2025-26 के सत्र से लागू किया है। अब स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वह संबंधित कक्षाओं के विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करे और रिकॉर्ड की लगातार निगरानी करे।

निर्देश के बाद स्कूलों में उपस्थिति संबंधी अभिलेख अपडेट किए जा रहे हैं। जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति निर्धारित 75 प्रतिशत से कम है, उनकी सूची भी तैयार की जा रही है। ऐसे विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में आने और उपलब्ध समय में अपनी उपस्थिति सुधारने के लिए कहा जा रहा है।

कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी स्कूल स्तर से इसकी जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि परीक्षा फॉर्म भरने का समय आने पर उपस्थिति की कमी के कारण किसी विद्यार्थी को परेशानी का सामना न करना पड़े। अभिभावकों से बच्चों के नियमित स्कूल जाने पर नजर रखने को कहा गया है।

स्कूलों को विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति सही ढंग से दर्ज करने के साथ उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी दी गई है। इस व्यवस्था में केवल पाठ्यक्रम पूरा करना और परीक्षा की तैयारी करना पर्याप्त नहीं होगा; बोर्ड परीक्षा के लिए तय उपस्थिति मानक भी पूरा करना होगा।

जिला शिक्षा पदाधिकारी निशु कुमारी के अनुसार, कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को नियमित स्कूल लाने के प्रयास किए जा रहे हैं और अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। विद्यार्थियों के पास अभी नियमित कक्षाओं में शामिल होकर अपनी उपस्थिति बढ़ाने का समय है।