धनबाद क्षेत्र में तीन दिनों से जारी तेज बारिश के बीच मैथन और पंचेत डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दोनों जलाशयों में पिछले सप्ताह के मुकाबले करीब 10 फीट की वृद्धि दर्ज की गई है। स्थिति को देखते हुए दामोदर घाटी निगम ने संबंधित स्थानीय प्रशासन को सतर्क किया है।
बुधवार को मैथन डैम का जलस्तर 485 फीट दर्ज किया गया। यहां खतरे का निर्धारित निशान 495 फीट है। इस तरह जलाशय का पानी उस स्तर से 10 फीट नीचे है। रिपोर्ट में मैथन डैम को पूरी तरह भरा हुआ बताया गया है।
पंचेत डैम में भी पानी बढ़कर 415 फीट तक पहुंच गया है। इस जलाशय के लिए खतरे का निशान 425 फीट निर्धारित है। यहां भी मौजूदा स्तर और खतरे के निशान के बीच 10 फीट का अंतर रह गया है। दोनों डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, छोड़े गए पानी के कारण पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी है। इनमें चौबीस परगना और वर्धमान सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इसी पृष्ठभूमि में डीवीसी ने अलर्ट जारी कर स्थानीय प्रशासन से निगरानी और सतर्कता बनाए रखने को कहा है।
मैथन से धनबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 70 एमएलडी पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। दावा है कि रास्ते में 10 से 15 एमएलडी पानी कम हो जाता है और प्लांट तक करीब 55 एमएलडी पहुंचता है। इसके बाद जलमीनारों के माध्यम से धनबाद के शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती है।
जलाशय में पर्याप्त पानी होने के बावजूद धनसार, धोवाटांड़, मटकुरिया, भूली और बैंक मोड़ सहित कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति प्रभावित होने की बात सामने आई है। कहीं कम दबाव तो कहीं बहुत कम पानी मिलने की शिकायत है। रिपोर्ट के अनुसार, इससे हजारों परिवार प्रभावित हैं और कुछ लोगों को टैंकर या निजी स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है।