यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास अभ्यर्थियों की सहायता योजना में केवल चार आवेदन

झारखंड की एससी-एसटी सिविल सेवा सहायता योजना में राशि और आय सीमा बढ़ने के बावजूद इस वर्ष दो एससी और दो एसटी अभ्यर्थियों ने आवेदन किया।

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रांची में एससी-एसटी सिविल सेवा सहायता योजना से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

रांची में संचालित मुख्यमंत्री एसटी-एससी सिविल सेवा योजना के तहत इस वर्ष पूरे झारखंड से केवल चार आवेदन मिले हैं। यह योजना संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, आवेदन करने वालों में दो अभ्यर्थी अनुसूचित जाति और दो अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं। सरकार ने इस वर्ष योजना की सहायता राशि में 50 हजार रुपये की वृद्धि की थी। इसके बाद पात्र अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध राशि एक लाख रुपये से बढ़कर डेढ़ लाख रुपये हो गई।

योजना की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से पारिवारिक वार्षिक आय की पात्रता सीमा में भी बदलाव किया गया था। पहले अधिकतम आय सीमा ढाई लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर आठ लाख रुपये सालाना कर दिया गया। बदली हुई शर्तों के तहत सरकार ने 31 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए थे, लेकिन आवेदनों की संख्या चार तक ही सीमित रही।

राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कम आवेदन मिलने के कारणों का विश्लेषण कराने की बात कही है। उन्होंने योजना का प्रचार-प्रसार अधिक व्यापक स्तर पर सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी बताई, ताकि पात्र अभ्यर्थियों तक सहायता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी समय पर पहुंच सके।

योजना के नियमों के अनुसार केंद्र सरकार अथवा किसी अन्य राज्य सहायता योजना से पहले ही वित्तीय मदद ले रहे अभ्यर्थी इसका लाभ नहीं ले सकते। कम आवेदन के पीछे जानकारी का पर्याप्त प्रसार नहीं होना, दूसरी सहायता मिलने के कारण अपात्रता और प्रारंभिक परीक्षा में सफल पात्र अभ्यर्थियों की सीमित संख्या संभावित वजहों के रूप में सामने रखी गई हैं।

अब विभागीय समीक्षा से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बढ़ी हुई सहायता राशि और विस्तृत आय सीमा के बावजूद पात्र अभ्यर्थी आवेदन तक क्यों नहीं पहुंच पाए। समीक्षा के निष्कर्ष के आधार पर योजना की सूचना व्यवस्था और पात्र अभ्यर्थियों से संपर्क की प्रक्रिया को बेहतर बनाने की दिशा तय हो सकती है।