दुमका जिले के काठीकुंड प्रखंड में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत रसोइया दीदियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दलदली स्थित संकुल संसाधन केंद्र में हुए कार्यक्रम में संकुल के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों की रसोइया दीदियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का नेतृत्व प्रधानाध्यापक सह संकुल सचिव पवन कुमार मिश्रा और संकुल संसाधन सेवी जयनंदन कुमार ने किया। प्रतिभागियों को विद्यालय में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने, रसोई में स्वच्छता का ध्यान रखने, खाद्य सामग्री सुरक्षित रखने और भोजन तैयार करते समय जरूरी सावधानियां अपनाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यालयों में पोषण वाटिका विकसित करने और आसपास उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान दलदली विद्यालय में खाद्यान्न को सुरक्षित रखने के लिए किए गए प्रयोग की जानकारी साझा की गई। बरसात में नमी, घुन और चूहों से चावल को बचाने के लिए विद्यालय में तीन बड़े ड्रमों में भंडारण शुरू किया गया है। इससे खाद्यान्न की बर्बादी कम करने में मदद मिलने की बात कही गई।
दूर बाजार से ताजी सब्जियां लाने की कठिनाई का स्थानीय समाधान भी प्रशिक्षण में बताया गया। विद्यालय की तीन रसोइया दीदियों को अपने घरों में सब्जियां उगाने के लिए प्रेरित किया गया। अब उनके यहां उत्पादित सहजन, साग, नेनुआ, झिंगली, कटहल, कद्दू और पपीता जैसी उपज विद्यालय खरीदता है तथा इनका उपयोग मध्याह्न भोजन में किया जाता है। इस व्यवस्था से बच्चों को ताजी सब्जियां और उत्पादक रसोइया दीदियों को स्थानीय बाजार मिल रहा है।
रसोइया दीदी मार्था मरांडी ने संथाली भाषा में अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण में शामिल अन्य रसोइया दीदियों ने भी खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, पोषण वाटिका और स्थानीय उपज के उपयोग से जुड़े इन प्रयासों को अपने विद्यालयों में अपनाने की बात कही। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों की भोजन व्यवस्था में स्वच्छता, पोषण और स्थानीय भागीदारी को मजबूत करना रहा।