रांची की मोरहाबादी-चिरौंदी सड़क और नया सराय आरओबी से जुड़ी पुरानी सड़क की खराब स्थिति ने राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सड़कों पर बने गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा होने से वाहनों का आवागमन मुश्किल हो रहा है। लगातार बारिश के साथ गैस पाइपलाइन तथा दूसरे यूटिलिटी कार्यों के कारण भी कुछ हिस्सों की हालत बिगड़ी है।
नया सराय में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करीब दस वर्षों से चल रहा है। इस बीच आवाजाही के लिए इस्तेमाल हो रही पुरानी सड़क जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर पानी से भरे गड्ढे हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को सड़क से गुजरते समय सावधानी बरतनी पड़ रही है। रिपोर्ट में इस मार्ग पर लोगों के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात भी कही गई है।
मोरहाबादी-चिरौंदी मार्ग पर पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई के बाद सड़क की स्थिति खराब होने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस मार्ग पर पिछले दो महीनों में 15 से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि इन घटनाओं का अलग-अलग विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
शहर में नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने के दावों के बीच इन दोनों मार्गों की स्थिति सड़क रखरखाव और निर्माण कार्यों के समन्वय पर सवाल खड़े करती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना कठिन हो सकता है, जबकि कीचड़ के कारण दोपहिया और अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता विनोद कच्छप के अनुसार, विभाग के अधीन आने वाली सभी सड़कों का निरीक्षण किया जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकतर सड़कें पिछले दो महीनों की लगातार बारिश के कारण खराब हुई हैं। शहर की 60 सड़कों की मरम्मत के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
विभाग ने बारिश समाप्त होने के बाद काम शुरू कर दुर्गा पूजा से पहले सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है। अब स्थानीय लोगों की निगाह मरम्मत कार्य शुरू होने और तय समय में पूरा होने पर रहेगी। तब तक मोरहाबादी-चिरौंदी और नया सराय मार्ग से गुजरने वाले लोगों को क्षतिग्रस्त हिस्सों तथा पानी भरे गड्ढों के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।