रांची की राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के मामलों की भीड़, करीब 30 हजार नोटिस जारी

रांची सिविल कोर्ट में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए लगभग 50 हजार नोटिस जारी किए गए थे। इनमें करीब 30 हजार नोटिस ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के थे।

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रांची की राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों की सुनवाई के लिए उपस्थित लोग

रांची सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने मोटर वाहन मामलों की सुनवाई और निपटारे के लिए विशेष पीठ बनाई थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, चालान संबंधी करीब 30 हजार नोटिस जारी किए गए थे।

राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए रांची में कुल लगभग 50 हजार नोटिस भेजे गए। इनमें ट्रैफिक चालान के मामलों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। कई वाहन चालक इस उम्मीद से अदालत पहुंचे थे कि उन्हें जुर्माने की राशि में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन विवरण के मुताबिक सुनवाई के दौरान उनसे निर्धारित जुर्माना जमा कराया जा रहा था।

कुछ वाहन चालकों ने बार-बार चालान आने को लेकर अपनी परेशानी भी रखी। धुर्वा से कांटा टोली चौक के बीच ऑटो चलाने वाले एक चालक ने बताया कि सात-आठ महीने में उनके वाहन के नाम पर करीब 17 चालान आए। वहीं डोरंडा की एक महिला ने छह चालान मिलने की शिकायत रखी। ये बातें संबंधित वाहन चालकों के दावे के रूप में सामने आईं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रौशन ने माना कि मोटर वाहन मामलों में लोक अदालत के स्तर पर रियायत के प्रश्न पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे आयोजित होने वाली लोक अदालतों में इस विषय पर विचार किया जाएगा।

राज्यभर में वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए 295 पीठों का गठन किया गया। इसका मुख्य कार्यक्रम धनबाद में हुआ, जहां न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने आयोजन की शुरुआत की। रांची समेत सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकारों के कार्यक्रमों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया गया।

रांची सिविल कोर्ट परिसर में 58 पीठ बनाई गईं। इनमें न्यायालयों में लंबित और गैर-विवादित मामलों के साथ चेक बाउंस, बिजली चोरी, उत्पाद, वन, मोटर वाहन, पारिवारिक तथा राजस्व प्रकृति के मामलों की सुनवाई और निष्पादन को प्राथमिकता दी गई।