रांची के विभिन्न हिस्सों में रविवार को बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। झारखंड बिजली वितरण निगम की निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार आठ फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में एक घंटे से लेकर साढ़े छह घंटे तक आपूर्ति बंद की जाएगी। रखरखाव, मरम्मत, निर्माण और पेड़ों की डालियों की छंटाई के कारण करीब 50 हजार लोगों के प्रभावित होने का अनुमान है।
11 केवी हिंदपीढ़ी फीडर से नाला रोड, गुरुनानक स्कूल और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक बिजली नहीं मिलेगी। इस अवधि में नाला रोड पर एलटी केबल से संबंधित काम किया जाएगा। हटिया-हरमू लाइन के 33 केवी ओवरहेड को चालू करने के लिए किशोरगंज, हरमू हाउसिंग कॉलोनी, विद्यानगर, हिंदपीढ़ी और नेजामनगर में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक आपूर्ति रोकी जाएगी।
तुपुदाना पावर सब स्टेशन के 11 केवी हटिया फीडर से अपर हटिया, नीचे हटिया, रिवर व्यू कॉलोनी और एकता नगर सहित आसपास के इलाकों में सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक बिजली बंद रहेगी। यहां पेड़ों की डालियों की छंटाई की जानी है। अलकापुरी फीडर के अलकापुरी, डिबड़ीह, दाऊदनगर, न्यू पुंदाग और भगत कोचा में सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक कटौती निर्धारित है।
कोकर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के अंतर्गत कृष्णापुरी रोड संख्या 5, 8 और 9, नामकुम, अमेठिया नगर, बैंक कॉलोनी, धोबी घाट, सरहुल नगर, मोरहाबादी सब्जी बाजार तथा जतराटांड़ समेत कई क्षेत्रों में सुबह 10 से शाम साढ़े चार बजे के बीच आपूर्ति बाधित रहेगी। कोकर और इलाही बख्श कॉलोनी में सुबह 10 से शाम चार बजे, जबकि टैगोर हिल के आसपास और ललित मुंडा कॉलोनी में दोपहर दो बजे तक बिजली बंद रखने की योजना है। इन क्षेत्रों में एलटी तार को कवर्ड वायर में बदला जाएगा।
ओरमांझी के चायबागान पावर सब स्टेशन से जुड़े बारीडही फीडर में वीसीबी लगाने के लिए सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक बारीडीह, आनंदी, नकवाटोली, जरा टोली, पारपांचा और हतवल सहित आसपास के क्षेत्रों की आपूर्ति बंद रहेगी। सिरडो पावर सब स्टेशन के बूटी फीडर में निर्माण और रखरखाव के कारण बूटी बस्ती, सैनिक कॉलोनी, बूटी मोड़, महावीर नगर, हनुमान नगर तथा डुमरदगा में सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक बिजली नहीं रहेगी।
डोरंडा डिवीजन के कुसई और बिरसा फीडर दोपहर दो से शाम साढ़े चार बजे तक बंद रहेंगे। इससे कुसई कॉलोनी, छप्पन सेट, बिरसा चौक, हवाई नगर और निकटवर्ती इलाकों की आपूर्ति प्रभावित होगी। निर्धारित समय अलग-अलग फीडरों के अनुसार है, इसलिए संबंधित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को अपने इलाके की कटौती अवधि को ध्यान में रखकर जरूरी तैयारी करनी होगी।