रांची के सीसीएल दरभंगा हाउस में शनिवार को आयोजित केंद्रीय रोजगार मेले में झारखंड के 143 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। केंद्र सरकार का यह 20वां रोजगार मेला था। इसी क्रम में देश के 45 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
रांची में नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन रेलवे, डाक विभाग, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड, केंद्रीय जल आयोग, रक्षा विभाग, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और बैंकिंग क्षेत्र के लिए हुआ है। कार्यक्रम में अलग-अलग विभागों में चयनित अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, देशभर में 51 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नवचयनित कर्मियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ दायित्व निभाने की अपील की। उन्होंने सरकारी सेवा में युवाओं की भूमिका को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी रांची के कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि अब तक आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 13 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उनके मुताबिक, शनिवार के आयोजन में नियुक्ति पाने वालों में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल रहीं।
रोजगार मेले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार की आलोचना भी की। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि नियुक्ति पत्र देना सरकार का दायित्व है। उन्होंने सरकारी विभागों में रिक्त पदों, लंबित भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
रांची का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ हुए रोजगार मेलों का हिस्सा रहा। इसमें झारखंड के चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न केंद्रीय विभागों और संस्थानों में सेवा के लिए औपचारिक नियुक्ति पत्र मिले। कार्यक्रम में नियुक्ति वितरण के साथ नवचयनित कर्मियों के दायित्व और सार्वजनिक सेवा में उनकी भूमिका पर भी जोर दिया गया।