रांची जिले के कई ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। अनगड़ा, रातू, चान्हो, सोनाहातू और राहे में सड़कों पर पानी भरने, नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले मोहल्लों में पानी प्रवेश करने की स्थिति सामने आई है। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
अनगड़ा में गेतलसूद डैम का जलस्तर 33.50 फीट पहुंचने के बाद मंगलवार शाम रेडियल गेट संख्या चार को छह इंच खोलकर पानी निकाला गया। जल पथ प्रमंडल के अभियंता स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सिकिदिरी पुलिस ने माइक से घोषणा कर लोगों को डैम के फाटकों से दूर रहने की हिदायत दी है।
सोनाहातू में स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़ने से पांडुडीह स्थित महातीर्थ सतीघाट का गंगा मंदिर चारों ओर से पानी से घिर गया है और डूबने की स्थिति में है। क्षेत्र में पहले से क्षतिग्रस्त पुल-पुलियाओं के कारण भी ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की परेशानी बनी हुई है। सोनाहातू और तमाड़ को जोड़ने वाला उच्चस्तरीय पुल पहले से ध्वस्त होने के कारण आवागमन बाधित है।
राहे में स्वर्णरेखा, कांची, राढ़ू और कोकरो नदियां उफान पर हैं। धोबी, ठाकुर और तेली मोहल्लों के दर्जनों घरों में पानी भरने की सूचना है। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से नहर का पानी भी रिहायशी इलाकों में पहुंच रहा है, जिससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
रातू का मुख्य ब्लॉक रोड पानी में डूब गया है। सड़क किनारे की दुकानों में पानी भरने से कारोबार प्रभावित हुआ है और पैदल आवागमन कठिन हो गया है। अनगड़ा के जलीमा गांव में जर्जर सड़क के गड्ढों में पानी जमा होने से ग्रामीणों को घरों से निकलने में मुश्किल हो रही है।
चान्हो में करकट, चोरेया और तरंगा पंचायतों को रांची से जोड़ने वाली मुख्य सड़क कटाव और धंसने के कारण कमजोर हो गई है। सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर तीनों पंचायतों का राजधानी से सीधा संपर्क प्रभावित हो सकता है और ग्रामीणों को आठ से दस किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग से जाना पड़ सकता है। बारिश और बढ़े जलस्तर के बीच प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी की जरूरत बनी हुई है।