पश्चिमी सिंहभूम की महिला उद्यमिता, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने के लिए रांची के मोरहाबादी मैदान में ‘रूट्स ऑफ सारंडा’ नाम से विशेष स्टॉल लगाया गया है। यह स्टॉल जेसेवा दीपावली मेला-2026 में जिला प्रशासन की ‘सशक्त सिंहभूम’ पहल के तहत संचालित किया जा रहा है।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने जेसेवा की अध्यक्ष प्रीति कुमार की मौजूदगी में फीता काटकर और दीप जलाकर स्टॉल का उद्घाटन किया। उन्होंने वहां रखी हस्तनिर्मित वस्तुओं और स्थानीय उत्पादों को देखा। अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य-सह-विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह ने भी स्टॉल का अवलोकन किया।
स्टॉल पर प्रोजेक्ट बदलाव और आकांक्षा हाट से जुड़ी महिलाओं तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार सामान प्रदर्शित किया गया है। इनमें लेदर बैग, स्टोन क्राफ्ट, लकड़ी की कलात्मक मूर्तियां, तसर साड़ियां, फोटो फ्रेम, पेंटिंग और पारंपरिक जनजातीय रूपांकनों वाली कलाकृतियां शामिल हैं।
रेजिन आर्ट, टेराकोटा से बने घरेलू सजावटी उत्पाद, हस्तनिर्मित दीपक और लाइट्स भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। इन वस्तुओं के माध्यम से पश्चिमी सिंहभूम की शिल्प परंपरा और स्थानीय कारीगरों की रचनात्मकता को राज्यस्तरीय आयोजन में प्रस्तुत किया जा रहा है।
हस्तशिल्प के साथ रागी से तैयार खाद्य सामग्री भी स्टॉल का हिस्सा है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने रागी केक, लड्डू, चिप्स और चॉकलेट तैयार किए हैं। इससे स्थानीय संसाधनों पर आधारित उत्पादों और पोषणयुक्त खाद्य सामग्री को ग्राहकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के हुनर को बाजार उपलब्ध कराना और स्वरोजगार के अवसरों को मजबूत करना है। मेले में उत्पादों के प्रदर्शन तथा बिक्री से समूहों को ग्राहकों से सीधे जुड़ने और पश्चिमी सिंहभूम की विशिष्ट जनजातीय पहचान को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।