रांची के सार्वजनिक मॉड्यूलर शौचालयों से सामान की लगातार चोरी नगर निगम के लिए बड़ी रखरखाव समस्या बन गई है। नगर निगम के मुताबिक, इन घटनाओं के कारण हर महीने करीब दो लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है। चोरी से शौचालयों में उपलब्ध जरूरी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
शहरवासियों को सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय की सुविधा देने के लिए इन इकाइयों में पानी, रोशनी, हाथ धोने के बेसिन और दरवाजों जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चोर केवल महंगे उपकरण ही नहीं, बल्कि नल, बेसिन, बल्ब, दरवाजों की छिटकनी और सिंक के पाइप तक निकाल ले जा रहे हैं।
सामान गायब होने के बाद संबंधित शौचालय का नियमित उपयोग कठिन हो जाता है। किसी उपकरण के चोरी होने या क्षतिग्रस्त होने पर उसे दोबारा लगाना पड़ता है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण नगर निगम और संचालन एजेंसी को मरम्मत तथा नए उपकरणों पर बार-बार खर्च करना पड़ रहा है।
मॉड्यूलर शौचालयों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल संभाल रही है। चोरी हुए सामान को बदलने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने से एजेंसी के सामने भी शौचालयों को लगातार उपयोग योग्य बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। इसका सीधा असर आम लोगों के लिए बनाई गई सार्वजनिक सुविधा पर पड़ रहा है।
रांची नगर निगम की हेल्थ ऑफिसर डॉ. किरण कुमारी के अनुसार, चोरी की ज्यादातर घटनाएं रात में हो रही हैं। उन्होंने शहरवासियों से सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में सहयोग करने और किसी को शौचालय से सामान चोरी करते देखने या ऐसी गतिविधि की जानकारी मिलने पर नगर निगम को सूचित करने की अपील की है।
लगातार हो रही चोरी ने मॉड्यूलर शौचालयों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो रखरखाव का खर्च बढ़ने के साथ नल, रोशनी और दरवाजों जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बार-बार बाधित होती रहेंगी। नगर निगम ने इन सार्वजनिक परिसंपत्तियों को सुरक्षित रखने में नागरिक भागीदारी को भी जरूरी बताया है।