धनबाद में शनिवार को उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र के सात जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जोनल समीक्षा बैठक हुई। आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अपराध नियंत्रण, माओवादी गतिविधियों, संगठित गिरोहों और साइबर अपराध से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई। आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियां भी समीक्षा का प्रमुख विषय रहीं।
बैठक में धनबाद के साथ रामगढ़, बोकारो, कोडरमा, गिरिडीह, चतरा और हजारीबाग के पुलिस अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने सातों जिलों में माओवादी गतिविधियों की मौजूदा स्थिति, संगठित गिरोहों की सक्रियता और अपराधियों की निगरानी के लिए चल रहे अभियानों की जानकारी साझा की। आईजी ने सक्रिय तथा फरार अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान जिलों में लंबित आपराधिक मामलों की प्रगति पर भी विस्तार से विचार किया गया। इनमें साइबर अपराध, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम, पोक्सो, महिला अपराध और एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामले शामिल थे। जांच को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और गंभीर मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
आईजी ने पुलिस अधीक्षकों से थानों का नियमित निरीक्षण करने और थाना स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा करने को कहा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा लंबित कुर्की वारंटों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश भी दिए गए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि अपराधियों के खिलाफ अभियान और निगरानी की नियमित समीक्षा जिला स्तर पर जारी रहनी चाहिए।
दुर्गापूजा और आने वाले अन्य त्योहारों के लिए भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया। निर्देश दिया गया कि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और आयोजनों के दौरान पुलिस की मौजूदगी तथा निगरानी प्रभावी बनी रहे, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।
बैठक में पुलिस विभाग के प्रशासनिक मामलों को भी शामिल किया गया। सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के पेंशन प्रकरणों, अनुकंपा नियुक्ति और लंबित विभागीय कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।