रांची के सीएम स्कूल ऑफ एक्सलेंस अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्कूल, जिसे जिला स्कूल के नाम से भी जाना जाता है, के भवन और छात्रावास की खराब स्थिति पर झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज कर सुनवाई की।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने स्कूल और छात्रावास की स्थिति दिखाने वाली तस्वीरें रखी गईं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, तस्वीरें देखने के बाद अदालत ने नाराजगी जताई और कहा कि उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में चिह्नित संस्थान की मौजूदा दशा उसके नाम और उद्देश्य के अनुरूप नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खस्ताहाल छात्रावास में करीब 300 बच्चे रह रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भवन के जीर्णोद्धार से संबंधित संचिका प्रशासनिक प्रक्रिया में अटकी हुई है। अदालत ने इस स्थिति को विद्यार्थियों की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय माना तथा प्रशासनिक उदासीनता पर चिंता व्यक्त की।
सुनवाई के दौरान न्यायमित्र अधिवक्ता दुर्गेश असावाल ने स्कूल की स्थिति के बारे में अदालत को जानकारी दी। खंडपीठ ने राज्य सरकार को पूरे मामले पर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। सरकार को यह रिपोर्ट 28 अक्टूबर तक न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
अब सरकार की रिपोर्ट से भवन और छात्रावास की वास्तविक स्थिति तथा सुधार के लिए उठाए गए या प्रस्तावित कदमों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। जनहित याचिका की अगली सुनवाई 29 नवंबर को निर्धारित की गई है। तब अदालत सरकार के जवाब और उपलब्ध कराए गए विवरणों के आधार पर मामले पर आगे विचार करेगी।