रामगढ़ ने सितंबर 2026 की राज्यस्तरीय समग्र जिला शैक्षणिक रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार और केपीएमजी की ओर से जारी रैंकिंग में जिले का कुल स्कोर 77.86 प्रतिशत रहा। इस आकलन में राज्य के जिलों की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं को शामिल किया गया था।
रैंकिंग में रामगढ़ के बाद कोडरमा और चतरा का स्थान रहा। कोडरमा ने 77.12 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि चतरा 76.84 प्रतिशत स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहा। तीनों शीर्ष जिलों के प्राप्तांकों में अंतर अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन रामगढ़ सबसे अधिक अंक हासिल करने में सफल रहा।
जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन 23 प्रमुख मानकों और उप-मानकों के आधार पर किया गया। इनमें विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम, विद्यालयों की नियमित निगरानी, आंकड़ों की समय पर रिपोर्टिंग, शैक्षणिक योजना, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और प्रशासनिक समन्वय जैसे विषय शामिल थे।
रैंकिंग के दो मुख्य घटकों में भी रामगढ़ का प्रदर्शन दर्ज किया गया है। 70 प्रतिशत भार वाले हाई प्रायोरिटी इंडिकेटर्स में जिले को 58.44 अंक मिले। वहीं, 30 प्रतिशत भार वाले इनेबलर्स इंडिकेटर्स में रामगढ़ ने 19.43 अंक प्राप्त किए। दोनों घटकों के आधार पर जिले का समग्र स्कोर 77.86 प्रतिशत बना।
जिले के उपायुक्त ऋतुराज ने इस उपलब्धि पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों और विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने इसे प्रशासनिक और शैक्षणिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उनके अनुसार, नियमित निगरानी, पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार, समयबद्ध रिपोर्टिंग और विभिन्न स्तरों के समन्वय ने प्रदर्शन बेहतर करने में भूमिका निभाई।
जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय कुमार सिल ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करना नहीं, बल्कि प्रत्येक सरकारी विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भी है। सितंबर की उपलब्धि के बाद जिले के सामने इस प्रदर्शन को आगे बनाए रखने और शैक्षणिक व्यवस्था में निरंतर सुधार की चुनौती रहेगी।