रांची जिला स्कूल परिसर में जर्जर जलमीनार ढही, दो श्रमिकों की मौत

कोतवाली थाना के पीछे जिला स्कूल परिसर में पुरानी जलमीनार हटाने के दौरान ढांचा गिर गया। मलबे में दबे दो श्रमिकों की मौत के बाद उपायुक्त ने जांच समिति गठित की है।

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रांची जिला स्कूल परिसर में जलमीनार गिरने के बाद मलबा और बचाव कार्य

रांची के कोतवाली थाना के पीछे स्थित जिला स्कूल परिसर में बुधवार शाम पुरानी जलमीनार हटाने के दौरान उसका ढांचा गिर गया। मलबे में दबने से काम कर रहे दो श्रमिकों की मौत हो गई। हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर अभियान चलाया।

मृत श्रमिकों की पहचान पलामू जिले के पड़वा मोड़ निवासी 25 वर्षीय सत्या भुइयां और 42 वर्षीय मैथली शरण महतो के रूप में बताई गई है। दोनों के शव मलबे से निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजे गए। घटना के समय स्थल पर चार मजदूरों के मौजूद रहने की जानकारी दी गई है।

पुरानी जलमीनार को हटाकर वहां नई टंकी बनाने की योजना थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे काम के दौरान मुख्य ढांचा अचानक गिर पड़ा। सूचना मिलने पर एनडीआरएफ, कोतवाली थाना पुलिस और रांची नगर निगम की टीम पहुंची। तेज बारिश और रात के अंधेरे के बीच जेसीबी, हाइड्रा-पोकलेन तथा हैलोजन लाइट की मदद से मलबा हटाया गया।

घटनास्थल से लगभग 20 फीट की दूरी पर जिला स्कूल का छात्रावास है, जिसमें करीब 100 छात्र रहते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मलबा छात्रावास की ओर नहीं गिरा। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल की घेराबंदी कर मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।

रिपोर्ट में काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता पर सवाल उठाए गए हैं। संबंधित प्रमंडल की ओर से निर्माण एजेंसी को 22 अगस्त को सुरक्षा मानकों का पालन करने का लिखित निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई है। मौके पर लगे आपात संपर्क बोर्ड पर कई अधिकारियों और एजेंसी प्रतिनिधियों के पूरे नंबर दर्ज नहीं होने का दावा किया गया है।

रांची के उपायुक्त ने हादसे की जांच के लिए विशेष समिति गठित की है। जांच में जलमीनार हटाने की प्रक्रिया, श्रमिकों के लिए किए गए सुरक्षा प्रबंध और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी का परीक्षण होने की उम्मीद है। किसी की जवाबदेही पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।