रांची में एचईसी और आवास बोर्ड की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए चलाया जा रहा अभियान शुक्रवार को रोक दिया गया। कार्रवाई का यह तीसरा दिन था। झारखंड हाई कोर्ट का आदेश प्रशासन के सामने प्रस्तुत किए जाने के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने अभियान तत्काल बंद कर दिया।
अभियान सुबह से जारी था। करीब 10:45 बजे एक वकील मौके पर पहुंचे और उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश की प्रति मजिस्ट्रेट को दिखाई। आदेश की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई नहीं की। मौके पर तैनात पुलिस बल और बुलडोजर भी वापस लौट गए।
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के अनुसार, हाई कोर्ट के आदेश में उल्लेख है कि वहां रहने वाले लोग 31 दिसंबर तक स्वयं जगह खाली कर देंगे। इसी आधार पर फिलहाल अतिक्रमण हटाने का अभियान रोक दिया गया है। उपलब्ध विवरण में आदेश की अन्य शर्तों या मामले की अगली न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी गई है।
कार्रवाई रुकने के बाद प्रभावित लोगों ने राहत जताई और हाई कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि अचानक शुरू हुई कार्रवाई के कारण कई लोगों के सामने आवास का संकट पैदा हो गया। बारिश के मौसम में आशियाना टूटने से उनकी परेशानी और बढ़ी है।
इस घटनाक्रम के बाद अब संबंधित जमीन पर प्रशासन की कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप आगे बढ़ेगी। फिलहाल प्रशासनिक अमला मौके से लौट चुका है और अभियान स्थगित है। वहां रहने वाले लोगों के लिए आदेश में बताई गई 31 दिसंबर की समय-सीमा महत्वपूर्ण रहेगी।