रांची में दीपावली मेला शुरू, तीन जिलों के पुस्तकालयों को 45 लाख रुपये की सहायता

मोरहाबादी में आयोजित दीपावली मेले के उद्घाटन पर चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों को 15-15 लाख रुपये तथा बच्चों की शिक्षा के लिए कुल 1.92 लाख रुपये दिए गए।

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रांची के मोरहाबादी में दीपावली मेले के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अतिथि

रांची के मोरहाबादी में झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन के दीपावली मेले की शुरुआत गुरुवार को हुई। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने मेले का उद्घाटन किया। आयोजन के दौरान शिक्षा, पुस्तकालयों के विकास और दिव्यांग बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मौसम और बारिश की संभावना को देखते हुए मेले की अवधि भी एक दिन बढ़ा दी गई है।

चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों के विकास के लिए कुल 45 लाख रुपये दिए गए। तीनों जिलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता मिली है। इस राशि का उद्देश्य विद्यार्थियों को अध्ययन, ज्ञान अर्जन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग करना है।

मूक-बधिर और दृष्टिबाधित बच्चों को संगीत की शिक्षा देने के लिए श्रेयशी बनर्जी को 96 हजार रुपये प्रदान किए गए। बच्चों को कला एवं शिल्प से जुड़ी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वास्तिका बनर्जी को भी 96 हजार रुपये दिए गए। इस प्रकार बच्चों की शिक्षा और रचनात्मक विकास के लिए कुल 1.92 लाख रुपये की सहायता दी गई।

उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने एसोसिएशन के सामाजिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसा मेला व्यापार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जरूरतमंद वर्गों की मदद, कला-संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक दायित्वों को पूरा करने का माध्यम भी बनता है। उन्होंने आयोजकों से मेले के संचालन में पारदर्शिता रखने और स्टॉल संचालकों, कलाकारों तथा आगंतुकों के हितों का ध्यान रखने की अपील की।

प्रतिकूल मौसम के बावजूद सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी बनी रही। सितार और सरोद की जुगलबंदी के साथ सुगम संगीत तथा नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। कठपुतली शो भी मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से आए शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिला है।

एसोसिएशन की अध्यक्ष प्रीति कुमार के अनुसार, अब मेले का समापन 2 नवंबर के बजाय 3 नवंबर 2026 को होगा। यह बदलाव बारिश की संभावना और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर किया गया है। आयोजकों का कहना है कि अतिरिक्त दिन देने का उद्देश्य विक्रेताओं को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाना और कारोबार के लिए अधिक समय उपलब्ध कराना है।