रांची में बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कोलकाता स्थित ऑस्ट्रेलियाई महावाणिज्यदूत बर्नार्ड लिंच ने शिष्टाचार मुलाकात की। बैठक में झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने तथा अलग-अलग क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बातचीत का केंद्र कौशल एवं तकनीकी शिक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, खनिज संसाधन, खेल तथा पर्यटन रहे।
बैठक में झारखंड के खनिज संसाधनों के संदर्भ में खनन क्षेत्र में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके साथ ही संबंधित संस्थानों के बीच साझेदारी विकसित करने पर भी सहमति जताई गई। राज्य के संसाधनों को आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता से जोड़कर दोनों पक्षों के लिए उपयोगी अवसर तलाशने की बात सामने रखी गई।
युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों के सहयोग से झारखंड के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर तैयार करने की रणनीति पर बातचीत हुई। हालांकि, बैठक में किसी विशेष परियोजना, समयसीमा या निवेश राशि की घोषणा नहीं की गई।
झारखंड की जनजातीय विरासत और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियां भी चर्चा का हिस्सा रहीं। मुख्यमंत्री ने राज्य की जनजातीय संस्कृति और ऑस्ट्रेलिया की स्वदेशी संस्कृति के अनुभवों व ज्ञान के बीच संवाद स्थापित करने की संभावनाओं का उल्लेख किया। इस पहल को सांस्कृतिक समझ और पारंपरिक ज्ञान के आदान-प्रदान से जोड़कर देखा गया।
बैठक में खेल और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने झारखंड की मानव पूंजी और प्राकृतिक संसाधनों को ऑस्ट्रेलिया की तकनीक तथा विशेषज्ञता से जोड़कर पारस्परिक लाभ के रास्ते तलाशने की बात कही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह बैठक संभावित सहयोग के क्षेत्रों पर केंद्रित प्रारंभिक संवाद थी।
मुलाकात के अंत में दोनों पक्षों ने स्मृति चिह्नों का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने बर्नार्ड लिंच को झारखंड की पारंपरिक कलाकृति वाला एक फ्रेम और क्रिकेट बॉल भेंट की। बैठक में जिन क्षेत्रों को चिह्नित किया गया, उनमें आगे की साझेदारी का स्वरूप भविष्य की संस्थागत बातचीत और प्रस्तावों के आधार पर स्पष्ट हो सकेगा।