रांची में ‘यमराज’ के जरिए सड़क सुरक्षा का संदेश, दलादली और तिलता चौक पर चला अभियान

रांची के दलादली और तिलता चौक पर परिवहन विभाग ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया। यमराज की वेशभूषा में कलाकार ने वाहन चालकों को हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों का महत्व समझाया।

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रांची में सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान यमराज की वेशभूषा में कलाकार और परिवहन विभाग के अधिकारी

रांची के दलादली चौक और तिलता चौक पर शनिवार को परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया। इसमें यमराज की वेशभूषा में एक कलाकार को शामिल किया गया, जिसने वाहन चालकों को यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाले खतरों के बारे में आगाह किया। अभियान के दौरान परिवहन सचिव राजीव रंजन और जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अभियान में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, कार में सीट बेल्ट नहीं लगाने, नशे की हालत में गाड़ी चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के जोखिम बताए गए। वाहन चालकों को समझाया गया कि सड़क पर थोड़ी-सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

कलाकार ने यमराज के रूप में नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को प्रतीकात्मक चेतावनी दी। वहीं, नियमों का पालन करने वालों को सुरक्षित यात्रा का संदेश दिया गया। विभाग ने तेज रफ्तार से बचने और निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने पर भी जोर दिया।

परिवहन सचिव राजीव रंजन ने अभियान के दौरान सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, देश में वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 4.87 लाख दुर्घटनाएं हुईं और इनमें 33 प्रतिशत मामलों में लोगों की जान गई। उन्होंने बताया कि झारखंड में वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं के कारण 4,100 लोगों की मौत हुई।

परिवहन सचिव ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहन खड़ा नहीं करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर पार्किंग दुर्घटना की वजह बन सकती है। विभाग का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों को चेतावनी देना नहीं, बल्कि वाहन चलाने की आदतों में सुरक्षित बदलाव लाना भी है।

विभाग ने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का दायरा आगे बढ़ाने की बात कही है। इसके तहत लोगों तक हेलमेट, सीट बेल्ट, सुरक्षित गति और नशे से दूर रहकर वाहन चलाने का संदेश पहुंचाया जाएगा। अभियान में यह भी रेखांकित किया गया कि सुरक्षित सड़क व्यवस्था के लिए प्रशासन के साथ वाहन चालकों और राहगीरों की जिम्मेदार भागीदारी आवश्यक है।