रांची में राजस्व उप निरीक्षक लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च

राजस्व कर्मियों ने कचहरी चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकालकर आरोपियों की गिरफ्तारी, एसआईटी जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की।

2 मिनट पढ़ें 10 बार पढ़ी गई
रांची में राजस्व कर्मियों का कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा

रांची में राजस्व उप निरीक्षक लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के विरोध में सोमवार को राजस्व कर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला। झारखंड राजस्व उपनिरीक्षक संघ के नेतृत्व में कर्मचारी कचहरी चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचे। मार्च के दौरान उन्होंने दिवंगत कर्मचारी को श्रद्धांजलि दी और मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई।

संघ ने हत्याकांड की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, मामले की समयबद्ध जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की बात कही। उन्होंने मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग भी रखी।

इससे पहले 26 अक्टूबर को संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने कर्मचारियों की चिंताएं रखीं और हत्याकांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ जल्द तथा सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

राजस्व कर्मियों ने अपने काम के दौरान सामने आने वाली सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए राजस्व सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की। संघ का कहना है कि कर्मचारियों के लिए ठोस कानूनी सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, ताकि वे भय के बिना अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

कैंडल मार्च के दौरान आयोजित शोकसभा में लक्ष्मीकांत मुंडा को श्रद्धांजलि दी गई। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि घटना के बाद राजस्व कर्मियों के बीच भय और आक्रोश है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था तैयार करने का आग्रह किया।

संघ के कार्यकारी महामंत्री राजेश कुमार और मुख्य संरक्षक भरत सिन्हा ने भी जांच तथा गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज करने की मांग दोहराई। संघ ने संकेत दिया कि सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने तक वह इस मुद्दे को उठाता रहेगा। प्रदर्शन में रखी गई मांगों पर प्रशासन की ओर से किसी निर्णय या कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।