रांची के अरगोड़ा अंचल में कार्यरत राजस्व उप निरीक्षक लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के विरोध में झारखंड राज्य राजस्व उप निरीक्षक संघ ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। संघ ने मामले में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग सरकार के सामने रखी है।
संघ ने आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के उद्देश्य से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर विरोध को आगे बढ़ाया जाएगा। ये सभी मांगें संघ की ओर से सरकार के समक्ष रखी गई हैं।
आंदोलन के पहले चरण में 27 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों में शाम पांच बजे कैंडल मार्च निकालने का कार्यक्रम तय किया गया है। संघ ने रांची में भी शाम के समय कैंडल मार्च निकाले जाने की जानकारी दी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारी घटना पर विरोध दर्ज कराएंगे।
दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को राज्यभर के राजस्व उप निरीक्षक, अंचल निरीक्षक और अंचल अमीन काला बिल्ला लगाकर अपने दायित्व निभाएंगे। इसके अगले दिन, 29 अक्टूबर को इन्हीं पदों पर कार्यरत कर्मचारी कलमबंद हड़ताल करेंगे। इस प्रकार संगठन ने विरोध के लिए लगातार तीन दिनों की कार्ययोजना बनाई है।
संघ ने चेतावनी दी है कि गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई से जुड़ी मांगें पूरी नहीं होने पर राजस्व उप निरीक्षक तथा अंचल अमीन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। संगठन ने ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की जिम्मेदारी सरकार पर होने की बात कही है। फिलहाल घोषित कार्यक्रम तीन चरणों तक सीमित है।
संघ के मुख्य संरक्षक भारत कुमार सिंह, अध्यक्ष अमर किशोर प्रसाद सिन्हा और महामंत्री दुर्गेश मुंडा समेत अन्य पदाधिकारियों ने सदस्यों से एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। प्रस्तावित आंदोलन में जिला मुख्यालयों से लेकर अंचल स्तर पर कार्यरत राजस्व कर्मियों की भागीदारी की रूपरेखा रखी गई है।