रांची में शिक्षक सम्मान समारोह, शिक्षा को तकनीक और रोजगार से जोड़ने पर मंथन

रांची विश्वविद्यालय में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोजगार के संबंध पर विचार रखे।

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रांची विश्वविद्यालय में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में उपस्थित अतिथि और शिक्षक

रांची विश्वविद्यालय में रविवार को पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोजगार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

समारोह के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह थे। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को विद्यार्थी की पढ़ाई तक सीमित नहीं बताते हुए कहा कि शिक्षक भविष्य के नागरिकों को तैयार करते हैं। उनके अनुसार, किसी शिक्षण संस्थान की पहचान केवल उसके भवन से नहीं, बल्कि वहां के शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऊर्जा से बनती है।

अपर मुख्य सचिव ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों को देते हुए गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने शिक्षा के आधारभूत ढांचे और संस्थानों की भूमिका पर भी बात की। इस क्रम में झारखंड के संत जेवियर्स और बीआईटी मेसरा जैसे संस्थानों के योगदान का जिक्र किया गया।

राज्य की स्कूली शिक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। गांवों में मौजूद बुनियादी चुनौतियों के बीच सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से बेहतर शिक्षा पहुंचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट शिक्षकों के व्याख्यान ऑनलाइन उपलब्ध कराने का सुझाव सामने आया।

तकनीक के उपयोग पर उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाने की जरूरत बताई, लेकिन साथ ही इसे केवल एक साधन मानने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षक या निर्णय लेने वाले व्यक्ति का स्थान नहीं ले सकता। शिक्षकों से नई पीढ़ी की समस्याओं को समझने और विद्यार्थियों के साथ संवाद कायम करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।

समारोह में शिक्षा को समाज और उद्योग से जोड़ने की जरूरत रेखांकित की गई, ताकि विद्यार्थी रोजगार हासिल करने के साथ रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकें। विशिष्ट अतिथि डीजी रेल अनिल पालटा ने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ हुआ।