सारठ के सरकारी स्कूलों में 15 सितंबर तक चलेगा स्वच्छता पखवाड़ा

देवघर जिले के सारठ स्थित सरकारी विद्यालयों में प्रतियोगिताओं, पौधरोपण और स्वच्छता कार्ययोजना सहित निर्धारित गतिविधियां 15 सितंबर तक पूरी की जाएंगी।

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सारठ के सरकारी विद्यालय में स्वच्छता गतिविधि में भाग लेते विद्यार्थी

देवघर जिले के सारठ समेत सरकारी विद्यालयों में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत विद्यार्थियों को साफ-सफाई, हरियाली और स्वस्थ वातावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। झारखंड शिक्षा परियोजना, देवघर के निर्देश पर संचालित अभियान की सभी निर्धारित गतिविधियां 15 सितंबर तक पूरी करने को कहा गया है।

सारठ के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अमिताभ झा ने परियोजना कर्मियों के साथ बैठक कर कार्यक्रमों को समय पर संपन्न कराने की जिम्मेदारी तय की है। विद्यालयों में बाल संसद और इको क्लब के सहयोग से स्वच्छता संबंधी गतिविधियां कराई जाएंगी। शिक्षक, कर्मी और साधनसेवी भी अभियान के संचालन में भाग लेंगे।

विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग, पोस्टर निर्माण, कविता, स्लोगन लेखन, निबंध और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित करने का निर्देश है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को विद्यालय और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं हरा-भरा रखने की उपयोगिता समझाई जाएगी। गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

अभियान के दौरान विद्यालय परिसरों में पौधरोपण किया जाएगा। लगाए गए पौधों और छात्र संख्या के अनुरूप विवरण इको क्लब पोर्टल पर दर्ज करना होगा। विद्यालयों को स्वच्छ एवं हरित विद्यालय सर्वेक्षण का अंतिम विवरण भी जमा करने के लिए कहा गया है। यू-डाइस से प्राप्त सभी विद्यालयों का एसएचवीआर सर्वेक्षण 15 सितंबर तक अंतिम रूप से प्रस्तुत किया जाना है।

निर्धारित समयसीमा के अंतिम दिन विद्यालय स्तर पर स्वच्छता कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रत्येक स्कूल को आयोजित कार्यक्रमों की रिपोर्ट, अभिलेख और तस्वीरें सुरक्षित रखनी होंगी तथा उनकी जानकारी संकुल और प्रखंड स्तर पर उपलब्ध करानी होगी। स्वच्छता गतिविधियों की तस्वीरें साझा कर अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी योजना है।

कक्षा छह से 12 तक संचालित विद्यालयों को इंस्पायर अवार्ड नामांकन और तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान से संबंधित ऑनलाइन कार्य भी पूरा करना है। शिक्षा विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता की नियमित आदत विकसित करने के साथ उन्हें स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य के प्रति जिम्मेदार बनाना है।