रांची पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने के लिए शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों, रिंग रोड और अन्य प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी अभियान चलाया। शुक्रवार रात अलग-अलग पुलिस टीमों ने सड़क किनारे तथा मुख्य मार्ग पर खड़े वाहनों की जांच की। खतरा पैदा कर रहे कई वाहनों को वहां से हटवाया गया और उनके चालकों को निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़ा करने की हिदायत दी गई।
यह सतर्कता जमशेदपुर में सड़क किनारे खड़े ट्रक से एक कार की टक्कर में चार लोगों की मौत की घटना के बाद बढ़ाई गई है। उस दुर्घटना को देखते हुए रांची में उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां रात के समय भारी वाहन सड़क के किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। अभियान रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर चलाया गया।
पुलिस टीमों ने रातभर निगरानी के दौरान ऐसे वाहनों को चिह्नित किया, जिनके मुख्य मार्ग या सड़क के किनारे खड़े रहने से दुर्घटना की आशंका थी। अधिकारियों ने चालकों को बताया कि अंधेरे में सड़क पर खड़ा वाहन दूर से स्पष्ट दिखाई नहीं देने के कारण दूसरे वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
वाहन चालकों को यह भी निर्देश दिया गया कि खराबी के कारण वाहन सड़क पर रोकना जरूरी हो तो उपयुक्त चेतावनी संकेतकों और दूसरी सुरक्षा व्यवस्थाओं का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही खराब वाहन को यथाशीघ्र मुख्य मार्ग से हटाने को कहा गया। कुछ स्थानों पर पुलिस अधिकारियों ने चालकों को रात में भारी वाहन खड़ा करने से जुड़े जोखिमों के बारे में समझाया।
पुलिस के अनुसार यह अभियान केवल एक रात तक सीमित नहीं रहेगा और प्रमुख मार्गों पर निगरानी आगे भी जारी रखी जाएगी। सड़क किनारे अनियमित रूप से खड़े वाहनों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों की सहायता लेने की भी तैयारी है। लगातार निगरानी और चालकों को दिए जा रहे निर्देशों का उद्देश्य एनएच तथा रिंग रोड पर यातायात को सुरक्षित रखना है।