रांची में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग लैबोरेटरी कर्मियों ने सात महीने से वेतन नहीं मिलने के विरोध में मंगलवार को विभागीय कार्यालय के सामने धरना दिया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बकाया राशि के शीघ्र भुगतान की मांग की।
धरने में शामिल कर्मियों का कहना था कि वेतन लंबित रहने के बावजूद वे नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वाटर टेस्टिंग लैबोरेटरी में काम करने वाली एक कर्मचारी के अनुसार, भुगतान नहीं होने से परिवार का खर्च चलाना कठिन हो गया है। कर्मचारियों ने त्योहारों के समय आर्थिक परेशानी बढ़ने की बात भी कही।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के मुताबिक, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरे झारखंड में करीब 200 आउटसोर्सिंग लैब कर्मी काम कर रहे हैं। उनका दावा है कि वेतन जारी कराने के लिए विभागीय अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है।
कर्मियों ने बताया कि उन्हें भुगतान के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की बात कही जाती रही है। उनका आरोप है कि हाल के समय में टेंडर की प्रक्रिया तीन से चार बार शुरू की गई, पर हर बार स्थगित हो गई। कर्मचारियों के अनुसार, इसी कारण बकाया वेतन का मामला लगातार आगे खिसकता गया।
धरने में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि समय पर वेतन नहीं मिलने के बाद भी उनसे लगातार काम लिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग विभाग से टकराव की नहीं, बल्कि किए गए काम का भुगतान और समस्या का टिकाऊ समाधान सुनिश्चित करने की है।
ज्ञापन में सात महीने से लंबित वेतन जल्द जारी करने, टेंडर से जुड़ी अड़चन दूर करने और आगे भुगतान में देरी रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग रखी गई। कर्मियों ने चेतावनी दी कि शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं होने पर वे पेन डाउन हड़ताल पर जा सकते हैं।