रांची में स्वाइन फ्लू के तीन नए मरीजों की पुष्टि हुई है। मंगलवार को रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में चार मरीजों के नमूनों की जांच की गई थी, जिनमें से तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और पहले से जारी बचाव संबंधी सलाह का पालन करने को कहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संक्रमित मरीजों में दो बच्चे हैं और दोनों का रानी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें एक की उम्र पांच महीने और दूसरे की डेढ़ महीने बताई गई है। दोनों बच्चों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। तीसरा संक्रमित मरीज रिम्स के सुपर स्पेशियलिटी आईसीयू में भर्ती है।
रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अब तक 34 नमूनों की जांच होने की जानकारी दी गई है। इनमें 11 नमूनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। विभाग ने संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जांच, समय पर उपचार और सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने पर जोर दिया है।
स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है, जो नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों से इसका प्रसार हो सकता है। बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और अधिक थकान इसके सामान्य लक्षण बताए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह के मुताबिक सांस फूलना, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी या होंठ और चेहरा नीला पड़ने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल में जांच और इलाज कराना चाहिए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, हृदय रोग या मधुमेह जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
विभाग ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, हाथ मिलाने से बचने और खांसते या छींकते समय मुंह व नाक को रुमाल अथवा कपड़े से ढकने की सलाह दी है। लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने, गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह नहीं छूने तथा डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक नहीं लेने को भी कहा गया है। जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 104 का उपयोग किया जा सकता है।