रांची में 21 अक्टूबर को निकलेगी दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा, बिहार क्लब से दोपहर तीन बजे प्रस्थान

रांची में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन 21 अक्टूबर को होगा। महानगर दुर्गा पूजा समिति की शोभायात्रा दोपहर तीन बजे बिहार क्लब से बड़ा तालाब के लिए निकलेगी।

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रांची में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा की तैयारियों का सांकेतिक दृश्य

रांची में दुर्गा पूजा के समापन के बाद 21 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। महानगर दुर्गा पूजा समिति का मुख्य जुलूस दोपहर तीन बजे बिहार क्लब से प्रस्थान करेगा। शहर की अलग-अलग पूजा समितियां भी अपनी प्रतिमाओं को निर्धारित मार्गों से तालाबों और अन्य जलाशयों तक ले जाएंगी।

रांची जिला दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के अनुसार, विभिन्न पंडालों से निकलने वाली प्रतिमाएं पारंपरिक रास्तों से निर्धारित तालाबों और डैम तक पहुंचेंगी। कई पूजा पंडालों की शोभायात्राएं दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आरंभ होने की जानकारी दी गई है। पूजा समितियों ने विसर्जन की आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

महानगर दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रविंद्र वर्मा ने बताया कि बिहार क्लब से निकलने वाला जुलूस शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए बड़ा तालाब पहुंचेगा। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। प्रतिमाओं को ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ विदाई दी जाएगी।

बड़ा तालाब राजधानी के प्रमुख विसर्जन स्थलों में शामिल रहेगा। इसके अतिरिक्त अलग-अलग पूजा समितियां अपने लिए निर्धारित अन्य तालाबों, जलाशयों और डैम में प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगी। इस कारण सभी पंडालों का प्रस्थान समय और विसर्जन स्थल एक जैसा नहीं होगा।

श्री राम लला दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी के मुताबिक, समिति की बड़ी प्रतिमा का विसर्जन पंडाल परिसर में ही किया जाएगा। छोटी प्रतिमा को शोभायात्रा के साथ बड़ा तालाब ले जाया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत समिति की दोनों प्रतिमाओं के विसर्जन स्थल अलग रहेंगे।

विभिन्न समितियों की शोभायात्राओं और प्रतिमा विसर्जन के साथ राजधानी में इस वर्ष के दुर्गा पूजा आयोजनों का समापन होगा। श्रद्धालु तय मार्गों से प्रतिमाओं को विदाई देंगे, जबकि पूजा समितियां अपनी पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संबंधित जलाशयों तक पहुंचेंगी।