रांची के मोरहाबादी मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन

विजयादशमी पर मोरहाबादी मैदान में राज्यपाल संतोष गंगवार ने रिमोट से पुतलों का दहन किया। कार्यक्रम से पहले सांस्कृतिक प्रस्तुति, लेजर शो और आतिशबाजी हुई।

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रांची के मोरहाबादी मैदान में विजयादशमी पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम

रांची में विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार शाम मोरहाबादी मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रिमोट के माध्यम से तीनों पुतलों का दहन किया। इस दौरान मैदान में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।

मोरहाबादी मैदान में रावण का पुतला 70 फीट, कुंभकर्ण का 65 फीट और मेघनाद का पुतला 60 फीट ऊंचा बनाया गया था। पुतलों के साथ तैयार की गई ‘सोने की लंका’ का दहन भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। आग लगते ही मैदान आतिशबाजी और रोशनी से जगमगा उठा।

मुख्य आयोजन से पहले मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसके साथ लेजर शो और आतिशबाजी का आयोजन भी हुआ। श्रद्धालुओं का मैदान पहुंचना दोपहर से ही शुरू हो गया था और शाम तक बड़ी भीड़ एकत्र हो गई। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के तहत पुतलों का दहन संपन्न हुआ।

मोरहाबादी के अलावा राजधानी के अरगोड़ा और टाटीसिलवे में भी विजयादशमी पर रावण दहन आयोजित किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन दोनों स्थानों पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से पूरे हुए। अलग-अलग इलाकों में हुए आयोजनों के कारण शहर में उत्सव का माहौल बना रहा।

अरगोड़ा मैदान में रावण का पुतला 55 फीट ऊंचा था, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों की ऊंचाई 50-50 फीट रखी गई थी। मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना को देखते हुए वहां तीनों पुतलों को वॉटरप्रूफ तकनीक से तैयार किया गया था, ताकि आयोजन में व्यवधान न आए।

आयोजन स्थलों पर भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा की व्यवस्था की थी। ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मोरहाबादी, अरगोड़ा और टाटीसिलवे में पुतला दहन के साथ राजधानी में विजयादशमी का प्रमुख सार्वजनिक आयोजन संपन्न हुआ।