रांची स्थित लोकभवन में बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्यदूत (पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत) बर्नार्ड लिंच ने औपचारिक शिष्टाचार भेंट की। बैठक में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों के साथ झारखंड में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
वार्ता के दौरान शिक्षा, कौशल विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान प्रमुख विषय रहे। बैठक में ऑस्ट्रेलिया की तकनीकी विशेषज्ञता और झारखंड की युवा क्षमता को जोड़कर कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
दोनों पक्षों ने शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी विमर्श किया। चर्चा में यह बात सामने रखी गई कि भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग के विस्तार से झारखंड जैसे उभरते राज्य के लिए नए अवसर बन सकते हैं। हालांकि, बैठक के संबंध में किसी विशिष्ट परियोजना, समयसीमा या समझौते की घोषणा नहीं की गई।
राज्यपाल ने ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल के समक्ष झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य की पहाड़ियों, झीलों, झरनों, जलाशयों और वन क्षेत्रों के साथ यहां की जनजातीय परंपराओं तथा सांस्कृतिक विरासत की जानकारी साझा की।
पर्यटन भी बातचीत का एक अहम हिस्सा रहा। राज्यपाल ने झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन की संभावनाओं से जोड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया के साथ इस क्षेत्र में साझेदारी बढ़ने की उम्मीद जताई।
लोकभवन की यह मुलाकात फिलहाल संभावित सहयोग के क्षेत्रों पर केंद्रित रही। शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, युवाओं के कौशल विकास, सांस्कृतिक संपर्क और पर्यटन में आगे की किसी ठोस पहल का स्वरूप भविष्य की बातचीत और संबंधित पक्षों के निर्णयों से स्पष्ट होगा।