रांची सदर अस्पताल में अगले चार महीने के भीतर नई कार्डियक केयर यूनिट और कैथलैब शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इससे एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर लगाने और हृदय के वाल्व से जुड़ी बीमारियों के उपचार की सुविधा सदर अस्पताल में उपलब्ध हो सकेगी।
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार सिंह ने बताया कि कैथलैब के लिए चल रहा सिविल कार्य 15 से 20 दिनों में पूरा करने की योजना है। इसके बाद उपकरणों की स्थापना और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। शुरुआती चरण में कार्डियक केयर के लिए आठ बेड की व्यवस्था की गई है।
फिलहाल रांची की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में कैथलैब की सुविधा रिम्स में उपलब्ध है, जहां मरीजों का दबाव अधिक रहता है। सदर अस्पताल में नई सुविधा शुरू होने पर हृदय संबंधी जांच और उपचार के लिए मरीजों को एक अतिरिक्त सरकारी विकल्प मिलेगा। अस्पताल प्रबंधन को इससे रिम्स के कार्डियोलॉजी विभाग पर दबाव कम होने की भी उम्मीद है।
सदर अस्पताल से अभी अनुबंध के आधार पर पांच डीएम कार्डियोलॉजिस्ट जुड़े हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कैथलैब चालू होने के बाद इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं यहां आने वाले मरीजों को मिलेंगी। इससे अस्पताल की हृदय रोग उपचार क्षमता का विस्तार होगा।
उपाधीक्षक के अनुसार, आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के पात्र मरीजों और बीपीएल श्रेणी के लाभुकों को नियमानुसार निःशुल्क उपचार दिया जाएगा। योजनाओं के दायरे से बाहर रहने वाले मरीजों के लिए भी इलाज की व्यवस्था प्रस्तावित है और उनसे केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना की निर्धारित दरों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा।
अस्पताल प्रबंधन ने कैथलैब की स्थापना को सदर अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। हालांकि सुविधा शुरू होने की समयसीमा निर्माण, उपकरण स्थापना और दूसरी जरूरी प्रक्रियाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी। तय लक्ष्य के अनुसार काम पूरा हुआ तो रांची में सरकारी स्तर पर हृदय रोगियों के लिए जांच और उपचार की उपलब्धता बढ़ेगी।