राजमहल के डेढ़गामा में आंगनबाड़ी केंद्र जलमग्न, सहायिका के घर चल रहीं गतिविधियां

साहिबगंज के डेढ़गामा गांव में केंद्र संख्या 709 के आसपास तीन से चार फीट बाढ़ का पानी जमा है। बच्चों की सुरक्षा और सेवाओं की निरंतरता के लिए वैकल्पिक स्थान पर संचालन शुरू किया गया है।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
डेढ़गामा गांव में बाढ़ के पानी से घिरा आंगनबाड़ी केंद्र

साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखंड की सैदपुर पंचायत स्थित डेढ़गामा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 709 बाढ़ के पानी से घिर गया है। केंद्र के आसपास तीन से चार फीट तक पानी जमा होने के कारण छोटे बच्चों का वहां पहुंचना मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है।

मौजूदा स्थिति को देखते हुए केंद्र की गतिविधियां फिलहाल सहायिका डालिमा मंडल के निजी आवास से संचालित की जा रही हैं। यह वैकल्पिक व्यवस्था बच्चों को सुरक्षित स्थान पर सेवाएं देने और उनकी पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से की गई है।

जलजमाव के बीच बच्चों के साथ सेविका और सहायिका के लिए भी परेशानी बढ़ी है। केंद्र तक आने-जाने के दौरान संक्रमण, सांप और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खतरा बताया गया है। इसी कारण मूल भवन में नियमित संचालन को अभी सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।

सहायिका गीता देवी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को आवेदन देकर केंद्र को डालिमा मंडल के आवास से चलाने की अनुमति मांगी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बच्चों की शिक्षा के साथ पोषाहार वितरण बाधित न हो, इसके लिए निजी आवास पर गतिविधियां शुरू की गई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने तक यह अस्थायी व्यवस्था बच्चों को राहत दे सकती है। उन्होंने केंद्र के आसपास बार-बार बनने वाली जलजमाव की स्थिति का स्थायी समाधान करने की जरूरत भी बताई है, ताकि छोटे बच्चों को भविष्य में ऐसे जोखिम का सामना न करना पड़े।

फिलहाल केंद्र की सेवाएं सुरक्षित वैकल्पिक स्थान से दी जा रही हैं। मूल परिसर में संचालन दोबारा शुरू करने का फैसला बाढ़ और जलजमाव की स्थिति सामान्य होने के बाद ही संभव होगा। तब तक बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौजूदा व्यवस्था जारी रखी गई है।