रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड की सांकूल पंचायत निवासी डॉ आंचल कुमारी ने यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा में कंप्यूटर साइंस विषय में 92.57 परसेंटाइल हासिल किए हैं। उन्हें परीक्षा में 168 अंक मिले। डॉ आंचल फिलहाल डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में शिक्षिका हैं।
डॉ आंचल ने अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई इसी विश्वविद्यालय से पूरी की है। उन्होंने बीएससी आईटी के बाद एमसीए किया। वह 2018-21 सत्र में विश्वविद्यालय की टॉपर भी रही थीं। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें तत्कालीन झारखंड राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने स्वर्ण पदक प्रदान किया था।
उनके पिता विनोद साहू और मां बासंती देवी सब्जी बेचकर परिवार की आजीविका चलाते रहे हैं। आर्थिक चुनौतियों के बीच भी परिवार ने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। डॉ आंचल ने अपनी उपलब्धि का प्रमुख श्रेय माता-पिता से मिले सहयोग और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को दिया है।
परिवार के अन्य सदस्यों ने भी पढ़ाई में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। डॉ आंचल के दोनों भाई अनिकेत कुमार और अभिषेक कुमार बीएससी आईटी में टॉपर रह चुके हैं। उनका मानना है कि घर के सकारात्मक माहौल और अध्ययन के प्रति परिवार की प्रतिबद्धता ने उन्हें लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।
यूजीसी-नेट की तैयारी और शोध कार्य के दौरान उन्हें पति, सास-ससुर, शिक्षकों और भाइयों का भी सहयोग मिला। डॉ आंचल के अनुसार, कठिन तैयारी के बीच परिवार का भरोसा और शिक्षकों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। उनकी उपलब्धि पर विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता जताते हुए उन्हें बधाई दी है।
रामगढ़ की ग्रामीण पृष्ठभूमि से विश्वविद्यालय की टॉपर और फिर यूजीसी-नेट में सफल होने तक डॉ आंचल की शैक्षणिक यात्रा निरंतर अध्ययन से जुड़ी रही है। कंप्यूटर साइंस में प्राप्त उनका परिणाम उच्च शिक्षा और अध्यापन के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों की अगली कड़ी है।