रामगढ़ में विजयादशमी का पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के सिद्धू-कान्हू मैदान और छावनी मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शाम को आतिशबाजी के बीच रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया।
सिद्धू-कान्हू मैदान में 80 फीट ऊंचा रावण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। यहां मेघनाद और कुंभकर्ण के 75-75 फीट ऊंचे पुतले भी बनाए गए थे। दहन शुरू होने से पहले ही मैदान में लोगों का जुटना शुरू हो गया था। पुतलों में आग लगते ही आतिशबाजी और धमाकों के बीच मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए।
छावनी मैदान में भी विजयादशमी के अवसर पर अलग आयोजन हुआ। यहां रावण का पुतला 70 फीट ऊंचा था, जबकि मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों की ऊंचाई 55-55 फीट बताई गई। इस मैदान में भी आतिशबाजी के साथ तीनों पुतलों का दहन किया गया।
रावण दहन कार्यक्रमों में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल, गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और बड़कागांव के विधायक रोशन लाल चौधरी शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और पर्व को बुराई पर अच्छाई तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से सत्य, सदाचार, क्षमा और मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने की अपील भी की गई। मैदानों में जुटी भीड़ ने पुतला दहन और आतिशबाजी देखी। आयोजन स्थलों पर जनप्रतिनिधियों के साथ स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।
शहर में उत्सव का माहौल सुबह से दिखाई दिया। दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शाम होने के साथ लोगों का रुख रावण दहन वाले मैदानों की ओर हुआ और पुतला दहन के साथ विजयादशमी का प्रमुख सार्वजनिक आयोजन संपन्न हुआ।