रामगढ़ में सड़क परियोजनाओं के लंबित मुआवजे के लिए लगेंगे विशेष कैंप

उपायुक्त ऋतुराज ने भारतमाला समेत सड़क परियोजनाओं से प्रभावित रैयतों के लंबित मुआवजा मामलों का जल्द निपटारा करने और विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया है।

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रामगढ़ में भारतमाला सड़क परियोजना से संबंधित निर्माण कार्य का दृश्य

रामगढ़ जिले में भारतमाला समेत विभिन्न सड़क विकास परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले रैयतों के लंबित मुआवजा मामलों में प्रशासन ने प्रक्रिया तेज करने की पहल की है। उपायुक्त ऋतुराज ने प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने और लंबित प्रकरणों के निपटारे के लिए विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया है।

उपायुक्त ने 26 अगस्त को संबंधित अधिकारियों के साथ मुआवजा भुगतान की स्थिति की समीक्षा की। प्रशासन के प्रस्तावित कैंपों में दस्तावेजों का सत्यापन और लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य पात्र रैयतों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना और भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

रामगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भारतमाला से जुड़ी सड़क परियोजनाओं का निर्माण चल रहा है। इनमें बोकारो-जैनामोड़ से गोला होते हुए ओरमांझी की दिशा में विकसित की जा रही सड़क भी शामिल है। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद जताई गई है।

गोला क्षेत्र में परियोजना से प्रभावित किसानों ने पहले भी जमीन और निर्माण कार्य से संबंधित समस्याएं उठाई हैं। जुलाई में रायपुरा गांव के किसानों ने आरोप लगाया था कि सड़क निर्माण के कारण खेतों में जलभराव हो रहा है और मिट्टी डालने से खेती प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने मुआवजे के साथ जल निकासी और बाईपास निर्माण की मांग भी रखी थी।

भारत सरकार की भारतमाला परियोजना का उद्देश्य महत्वपूर्ण आर्थिक और माल परिवहन गलियारों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है। इसके पहले चरण में देशभर में 34,800 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की योजना बनाई गई थी। झारखंड में भी इससे संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग और आर्थिक गलियारा परियोजनाओं पर काम हो रहा है।

रामगढ़-बोकारो क्षेत्र कोयला, उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। सड़क संपर्क मजबूत होने पर औद्योगिक क्षेत्रों, बाजारों और प्रमुख शहरों के बीच आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रभावित रैयतों के लिए अहम पहलू यह होगा कि विशेष कैंप कब आयोजित होते हैं और लंबित मुआवजा मामलों का निपटारा कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।