रामगढ़ जिले में आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के तहत बीते तीन महीनों में 581 आरोप-पत्रित लोगों का डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया गया है। पुलिस ने इन रिकॉर्ड को डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल पर अपलोड किया है। इसके साथ ही 163 लोगों के विरुद्ध निगरानी प्रस्ताव तैयार करने की जानकारी दी गई है।
पुलिस की समीक्षा के अनुसार, एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक नौ प्रमुख अपराध श्रेणियों में आरोप-पत्रित 1,971 लोगों की सूची बनाई गई। इनमें 1,374 रामगढ़ जिले के, 458 झारखंड के अन्य जिलों के और 139 राज्य के बाहर के रहने वाले हैं। अभियान में उनकी मौजूदा स्थिति और गतिविधियों का सत्यापन किया जा रहा है।
निरोधात्मक कार्रवाई के तहत 35 लोगों के विरुद्ध सीसीए के प्रावधानों में प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इनमें चार जिला बदर, 27 थाना हाजिरी और चार निरुद्धादेश के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 56 लोगों के नाम गुंडा पंजी में दर्ज करने की प्रक्रिया तथा 105 के विरुद्ध बीएनएसएस की धारा 129 के तहत कार्रवाई की गई है।
श्रेणीवार तैयार ब्योरे में चोरी से जुड़े 265 और आर्म्स एक्ट से जुड़े 156 लोग शामिल हैं। वाहन चोरी के 83, गृहभेदन के 80, एनडीपीएस के 49, रंगदारी के 43, लूट के 22, डकैती के 21 और छिनतई के 12 मामलों से जुड़े लोगों का भी रिकॉर्ड संकलित किया गया है। इस सूची में 53 लोग जेल में हैं, जबकि 643 जमानत पर बाहर बताए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड से आरोप-पत्रित लोगों की वर्तमान स्थिति का सत्यापन और नियमानुसार निगरानी या निरोधात्मक कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी। यह प्रक्रिया अभी जारी है। अभियान का उद्देश्य अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के प्रयासों को अधिक व्यवस्थित करना और जिले में कानून-व्यवस्था की निगरानी मजबूत बनाना है।