गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित बेन्दवाकोना गांव में सड़क की कमी एक गर्भवती महिला के उपचार की राह में बड़ी बाधा बन गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, रविवार को 24 वर्षीय बृंदावती देवी की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें खाट पर बैठाया और करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।
मुख्य मार्ग पर पहुंचने के बाद महिला को निजी वाहन से सदर अस्पताल गुमला ले जाया गया। गांव तक वाहन पहुंचने योग्य सड़क नहीं होने के कारण मरीज को पहले खाट के सहारे ले जाना पड़ा। यह गांव सुरसांग थाना क्षेत्र की कोब्जा पंचायत के राजस्व ग्राम रमजा में स्थित है।
ग्रामीणों का कहना है कि बेन्दवाकोना में किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होने पर इसी तरह खाट या अन्य पारंपरिक साधन से मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इसके बाद ही मरीज को वाहन से अस्पताल ले जाना संभव हो पाता है। बरसात के दिनों में कच्चे रास्ते की स्थिति के कारण यह परेशानी और बढ़ जाती है।
गांव के निवासी ब्रजनाथ सिंह के अनुसार, बेन्दवाकोना में सड़क के साथ बिजली और समुचित पेयजल व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि बिजली नहीं होने पर लोगों को रात में डिबरी का सहारा लेना पड़ता है। पेयजल की पर्याप्त सुविधा न होने से ग्रामीण डाड़ी-चुआं के पानी पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि गांव की इन समस्याओं के बारे में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पक्की सड़क बनवाने तथा बिजली एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क बनने से बीमार लोगों को मुख्य मार्ग तक खाट पर ले जाने की मजबूरी दूर हो सकती है और अस्पताल पहुंचने की प्रक्रिया आसान होगी। बिजली और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था को भी उन्होंने गांव की प्राथमिक जरूरत बताया है।