रांची स्थित रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच के लिए पहुंचे आठ नमूनों में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। ये नमूने झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से आए संदिग्ध मरीजों के बताए गए हैं। हालांकि, राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामलों की संख्या को लेकर अभी कोई औपचारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने नमूनों की जांच में कई लोगों के एच1एन1 से संक्रमित मिलने की पुष्टि की है। उपलब्ध जानकारी में मरीजों के जिलावार आंकड़े, उनकी वर्तमान स्थिति और उपचार से संबंधित विवरण नहीं दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सिविल सर्जनों और सदर अस्पतालों के उपाधीक्षकों के साथ ऑनलाइन बैठक की है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने स्वाइन फ्लू की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों को आवश्यक तैयारियां रखने का निर्देश दिया। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि संभावित मामलों से निपटने के लिए पहले से व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्देश दिया गया है।
राजधानी में भी कुछ लोगों के संक्रमित होने की सूचना सामने आई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एक निजी अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की बात भी मीडिया रिपोर्ट में कही गई है। इन सूचनाओं से जुड़े विस्तृत या अधिकृत आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण इन्हें पुष्टि हो चुके आठ नमूनों से अलग समझना जरूरी है।
डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, एच1एन1 संक्रमण सामान्य रूप से अधिक खतरनाक नहीं है, लेकिन पहले से किसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहे लोगों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए इसका जोखिम अधिक हो सकता है। ऐसे समूहों की स्थिति पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता बताई गई है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी रिम्स में जांचे गए नमूनों और अस्पतालों को तैयारी रखने के निर्देशों तक सीमित है। राज्य में संक्रमण का वास्तविक प्रसार स्पष्ट करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकृत आंकड़ों की प्रतीक्षा है। विभाग की औपचारिक सूचना से ही प्रभावित जिलों, सक्रिय मामलों और उपचार की स्थिति की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।