रिम्स से होमगार्ड हटाने के विरोध में हाईकोर्ट जाएगा एसोसिएशन

रांची के रिम्स में तैनात होमगार्ड जवानों को हटाने की कार्रवाई के विरोध में संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करने और राज्यस्तरीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

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रांची के रिम्स में बैठक करते झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य

रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) से होमगार्ड जवानों को हटाने की कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है। झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट का रुख करने का निर्णय लिया है। संगठन का कहना है कि प्रस्तावित याचिका के माध्यम से जवानों के हितों की रक्षा और संबंधित कार्रवाई की समीक्षा की मांग की जाएगी।

इस मुद्दे पर सोमवार को रिम्स के होमगार्ड बैरक में एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने की। इसमें रिम्स में कार्यरत होमगार्ड जवानों की स्थिति और उन्हें हटाए जाने के संभावित प्रभावों पर चर्चा के बाद कानूनी रास्ता अपनाने पर सर्वसम्मति बनी।

एसोसिएशन के अनुसार, याचिका में पूर्व के सरकारी निर्णयों और लागू आदेशों का उल्लेख किया जाएगा। संगठन ने दावा किया कि वर्ष 2021 में आंदोलन के बाद सरकार के साथ हुई वार्ता में विभिन्न सरकारी विभागों के सुरक्षा संबंधी कार्य होमगार्ड जवानों से कराने पर सहमति बनी थी और इस संबंध में आदेश भी जारी किया गया था।

संगठन ने इसी कथित पूर्व सहमति के आधार पर रिम्स से जवानों को हटाने की कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि यह विषय केवल रिम्स में तैनात जवानों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अन्य विभागों में होमगार्ड के लिए उपलब्ध कार्य अवसरों और उनके हितों से भी जुड़ा है।

बैठक में पूरे झारखंड के होमगार्ड जवानों की एक बड़ी बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी। एसोसिएशन के मुताबिक, उस बैठक में आगे की राज्यव्यापी रणनीति तय की जाएगी। संगठन ने कहा है कि कार्रवाई पर पुनर्विचार नहीं होने की स्थिति में स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की जा सकती है।

बैठक में चाईबासा जिला अध्यक्ष चरण चातर, सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष प्रकाश पूर्ति और चतरा जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार सहित कई जवान उपस्थित थे। प्रतिभागियों ने संगठन के नेतृत्व में कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांग उठाते रहने की बात कही। फिलहाल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने और प्रस्तावित राज्यस्तरीय बैठक की तारीख की जानकारी सामने नहीं आई है।