गिरिडीह शहर में लगातार बारिश के बीच बुधवार सुबह जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई। शहर के करीब आधे हिस्से में नलों से पानी नहीं आने के कारण लोगों को पेयजल जुटाने में परेशानी हुई। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों ने व्यवस्था को लेकर नगर निगम प्रशासन के प्रति नाराजगी भी जताई।
न्यू बरगंडा, बरगंडा, आश्रम रोड, झंडा मैदान, मकतपुर, बरमसिया, करबला रोड, बाभनटोली, शास्त्रीनगर के कुछ हिस्सों और रेलवे स्टेशन रोड समेत कई इलाकों में सुबह की आपूर्ति बाधित रही। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से खंडोली जलापूर्ति केंद्र से पानी पहुंचता है।
पानी नहीं मिलने के बाद कई लोग बारिश के बीच हैंडपंपों से पानी लेने पहुंचे। वहां भीड़ देखी गई, जबकि प्रभावित मोहल्लों में जारबंद पानी की बिक्री बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि बरसात में ऐसी स्थिति है तो दूसरे मौसमों में जलापूर्ति कैसे नियमित रखी जाएगी।
डिप्टी मेयर सुमित कुमार के अनुसार, लगातार बारिश के कारण जलापूर्ति केंद्रों को स्थिर बिजली नहीं मिल पा रही थी। बिजली की आपूर्ति सुचारु नहीं होने से केंद्रों के संचालन में दिक्कत आई। उन्होंने कहा कि शहर में पानी का संकट पैदा नहीं होने दिया जाएगा और जलापूर्ति बहाल कर दी गई है।
गिरिडीह शहर में खंडोली के अलावा महादेव तालाब और चैताडीह केंद्र से भी पानी की आपूर्ति होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खंडोली केंद्र पर सबसे अधिक आबादी निर्भर है और शहर के लगभग 60 प्रतिशत लोगों तक इसी केंद्र से पेयजल पहुंचता है। बुधवार सुबह इस केंद्र का संचालन प्रभावित रहने का असर कई मोहल्लों पर एक साथ पड़ा।
लगातार बारिश ने एक ओर शहर के दैनिक जीवन को प्रभावित किया, वहीं बिजली और जलापूर्ति जैसी परस्पर जुड़ी सेवाओं की निर्भरता भी सामने आई। प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए अब नियमित आपूर्ति बनाए रखना अहम है, ताकि बारिश जारी रहने की स्थिति में उन्हें दोबारा पेयजल की परेशानी का सामना न करना पड़े।