लातेहार जिले के महुआडांड़ क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच ओरसा घाटी में भूस्खलन होने से ओरसापाठ जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। रविवार देर शाम बंगला दारा के पास पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा। इसके साथ भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और पेड़ भी रास्ते पर फैल गए।
अचानक हुए भूस्खलन के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। दर्जनों वाहन और उनमें सवार लोग घाटी में फंस गए तथा यातायात ठप हो गया। अंधेरा बढ़ने और बारिश जारी रहने के कारण यात्रियों को रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा।
घाटी में रुके लोगों के सामने सुरक्षित बाहर निकलने की चिंता बनी रही। लगातार वर्षा के बीच पहाड़ से दोबारा मलबा गिरने की आशंका भी जताई गई। सड़क पर पड़े बड़े पत्थरों और पेड़ों के कारण वाहनों का आगे बढ़ना संभव नहीं था।
घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने प्रशासन को दी। रात का समय और बारिश मलबा हटाने के काम में बाधा बने हुए थे। आसपास के ग्रामीण अपने स्तर पर फंसे लोगों की सहायता में जुटे, जबकि यात्री प्रशासन की ओर से रास्ता साफ किए जाने की प्रतीक्षा करते रहे।
महुआडांड़ का बड़ा हिस्सा पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा है। बरसात के दौरान इस इलाके में भूस्खलन तथा सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बना रहता है। क्षेत्र में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आने की बात स्थानीय लोगों ने कही है।
स्थानीय लोगों ने संवेदनशील पहाड़ी स्थानों की नियमित निगरानी, जोखिम वाले हिस्सों की पहचान और आपात स्थिति में मलबा हटाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने की मांग की है। फिलहाल ओरसापाठ की ओर जाने वाले इस प्रमुख रास्ते पर आवागमन बहाल होने की उम्मीद मलबा हटाए जाने पर टिकी है।