लातेहार के कोमर गांव में हाथी की मौत, खेत में लगे बिजली के तार की जांच शुरू

कोमर गांव के मकई खेत में मिले हाथी की मौत के मामले में वन विभाग ने जांच शुरू की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से वास्तविक कारण स्पष्ट होने की बात कही गई है।

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लातेहार के कोमर गांव में हाथी की मौत के बाद जांच करता वन विभाग

लातेहार जिले के कोमर गांव में रविवार रात एक हाथी की मौत हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाथियों का एक झुंड मकई के खेत की ओर पहुंचा था। इसी दौरान एक हाथी खेत के चारों ओर लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आ गया। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया गया है कि करीब 15 हाथियों का झुंड गांव के आसपास घूम रहा था। वन विभाग के ट्रैकर पप्पू महतो और ग्रामीणों ने हाथियों को इलाके से खदेड़ने का प्रयास किया तथा रात करीब दो बजे तक उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद झुंड के दोबारा गांव की ओर लौटने और मकई के खेत में घुसने की जानकारी सामने आई।

घटना के बाद झुंड के अन्य हाथी इधर-उधर भागने लगे और उनकी चिंघाड़ सुनकर आसपास के ग्रामीण सहम गए। कुछ अन्य हाथियों के भी करंट की चपेट में आने की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल हाथी की मौत और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की विभागीय जांच जारी है।

ट्रैकर पप्पू महतो के मुताबिक, घटना के समय हाथियों को भगाने के लिए वनकर्मी खेत के पास पहुंचते तो उनके लिए भी खतरा पैदा हो सकता था। वन समिति के अध्यक्ष सुनील उरांव ने कहा कि खेत में बिजली का तार लगाने से ग्रामीणों को पहले भी मना किया गया था।

रेंजर नंद कुमार मेहता ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। हाथी के पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल टीम गठित करने की प्रक्रिया चल रही है। उनके अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

डीएफओ प्रवेश अग्रवाल ने भी घटना की पुष्टि करते हुए जांच कराए जाने की बात कही है। कोमर और आसपास के गांवों में इन दिनों हाथियों के आने तथा खेतों और घरों को नुकसान पहुंचाने की समस्या बनी हुई है। ताजा घटना ने ग्रामीण क्षेत्र में वन्यजीवों और लोगों, दोनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।