लातेहार जिले के बालूमठ थाना क्षेत्र में बुधवार को जमीन के ड्रोन सर्वे को लेकर विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, गेरेनजा-हराफू गांव के ग्रामीणों ने एनटीपीसी के तीन अधिकारियों और तीन ड्रोन संचालकों को करीब सात घंटे तक रोके रखा। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम सभा की अनुमति लिए बिना सर्वे किया जा रहा था।
एनटीपीसी की टीम कोयला ब्लॉक के लिए आवंटित जमीन का सर्वे करने गांव पहुंची थी। टीम में कंपनी के महाप्रबंधक आनंद अग्रवाल, दो सहायक महाप्रबंधक और तीन ड्रोन संचालक शामिल थे। बालूमठ थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा के अनुसार, टीम सुबह करीब नौ बजे गांव पहुंची थी और शाम करीब चार बजे उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पुलिस के अनुसार, सर्वे के दौरान ग्रामीणों ने कथित रूप से गुलेल से एक ड्रोन नीचे गिरा दिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद महाप्रबंधक के वाहन को घेरकर सर्वे का विरोध किया गया। ग्रामीण बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी कर रहे थे।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की। लंबे संवाद के बाद कंपनी की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आश्वासन में कहा गया कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना संबंधित इलाके में कोई काम नहीं किया जाएगा।
लिखित भरोसा मिलने के बाद ग्रामीण टीम को जाने देने पर सहमत हुए। पुलिस ने एनटीपीसी अधिकारियों और ड्रोन संचालकों को गांव से सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान किसी सदस्य को नुकसान पहुंचने की सूचना उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में सर्वे की प्रक्रिया, ग्राम सभा की अनुमति से जुड़ी आपत्ति और घटनाक्रम के दौरान ड्रोन को गिराए जाने सहित सामने आए तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। घटना ने परियोजना क्षेत्र में सर्वे से पहले स्थानीय स्तर पर अनुमति और संवाद की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं।