लातेहार जिले के बारियातू थाना प्रभारी और तीन अन्य पुलिसकर्मियों पर एक आदिवासी महिला से मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। महिला के परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने आरोपों की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी है।
हेरहंज थाना क्षेत्र की सलैया पंचायत निवासी महिला ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर घटनाक्रम की जानकारी दी है। आवेदन के अनुसार, पांच अक्टूबर की दोपहर वह बकरी चरा रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन पर पोस्ता की खेती और कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाया तथा उनके साथ मारपीट की।
महिला ने आरोप लगाया है कि उन्हें बारियातू थाना ले जाया गया और वहां भी प्रताड़ित किया गया। आवेदन में रास्ते के दौरान मारपीट, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और शारीरिक दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं। ये सभी दावे शिकायत का हिस्सा हैं और अभी जांच में उनकी पुष्टि होना बाकी है।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि छह अक्टूबर को छोड़े जाने से पहले उन पर पोस्ता कारोबार में संलिप्तता स्वीकार करने वाला वीडियो बयान देने का दबाव बनाया गया। उन्होंने घर में शादी के लिए रखे 80 हजार रुपये ले जाने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों पर जांच दल की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मामले की शिकायत सोशल मीडिया मंच एक्स के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक भी पहुंची। मुख्यमंत्री ने लातेहार पुलिस को तत्काल संज्ञान लेकर जांच करने, उचित कार्रवाई करने और इसकी सूचना देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं है।
पुलिस अधीक्षक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जांच बालूमाथ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और एक महिला पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व वाली टीम करेगी। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा।