लातेहार राष्ट्रीय लोक अदालत में 15,500 मामलों का निष्पादन, 2.61 करोड़ रुपये का सेटलमेंट

लातेहार व्यवहार न्यायालय परिसर में सात बेंचों के माध्यम से पारिवारिक, बैंक, बिजली, चेक लेन-देन, दीवानी और समझौता योग्य आपराधिक मामलों का निष्पादन किया गया।

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लातेहार व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित न्यायिक पदाधिकारी

लातेहार व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 15,500 मामलों का निष्पादन किया गया। इसके लिए सात बेंच बनाई गई थीं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, विभिन्न मामलों और योजनाओं में कुल दो करोड़ 61 लाख रुपये का सेटलमेंट भी हुआ। कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने किया।

लोक अदालत में पारिवारिक विवादों से जुड़े 19 वादों का निपटारा किया गया। मोटर दुर्घटना से संबंधित एक मामले का निष्पादन ढाई लाख रुपये में हुआ। इस प्रक्रिया के जरिए पक्षकारों को आपसी सहमति के आधार पर लंबित मामलों के समाधान का अवसर मिला।

बिजली से संबंधित 34 प्री-लिटिगेशन मामलों और न्यायालय में लंबित 17 वादों का निष्पादन हुआ। चेक लेन-देन से जुड़े 64 प्री-लिटिगेशन मामलों तथा अदालत में लंबित 18 वादों को भी निपटाया गया। चेक संबंधी इन मामलों में कुल 12 लाख 72 हजार रुपये का सेटलमेंट दर्ज किया गया।

बैंक से जुड़े 812 वाद भी लोक अदालत के सामने रखे गए और उनका निष्पादन किया गया। इसके अतिरिक्त 418 समझौता योग्य आपराधिक मामलों और 28 दीवानी वादों का समाधान हुआ। प्री-लिटिगेशन श्रेणी के विभिन्न प्रकार के करीब पांच हजार मामले भी निपटाए गए। इन सभी श्रेणियों को मिलाकर निष्पादित मामलों की संख्या 15,500 तक पहुंची।

आयोजन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सैयद सलीम फातमी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सुनील दत्त द्विवेदी और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विक्रम आनंद उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव शिवम चौरसिया समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।