पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा बाजार में बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने दर्जनों खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। अभियान के दौरान कई दुकानों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने के बाद उसे जब्त कर मौके पर नष्ट कराया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया।
यह जांच खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिमन्यु कुमार और राधिका कुमारी के संयुक्त नेतृत्व में की गई। टीम ने छोटे-बड़े नाश्ते की दुकानों के साथ थोक विक्रेताओं, कोल्ड ड्रिंक दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानों में रखे सामान की उपयोग अवधि और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा।
जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों से उपयोग की समय-सीमा पार कर चुकी खाद्य सामग्री मिली। विभागीय टीम ने ऐसी वस्तुओं को दोबारा बिक्री से रोकने के लिए जब्त कर नष्ट करा दिया। एक केक दुकान में अनियमितता पाए जाने पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अन्य संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखने की हिदायत दी। उन्हें चेतावनी दी गई कि एक्सपायरी सामान बेचने या खाद्य पदार्थों में छेड़छाड़ का मामला मिलने पर भारी जुर्माने के साथ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। कुछ दुकानदारों को फिलहाल अपनी कमियां सुधारने का अवसर दिया गया है।
निरीक्षण में खाद्य कारोबार का आवश्यक लाइसेंस भी जांच का विषय रहा। जिन दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं मिला, उन्हें जरूरी अनुमति प्राप्त करने के बाद ही प्रतिष्ठान संचालित करने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य कारोबार से जुड़े प्रत्येक दुकानदार के लिए निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है।
बाजार में एक साथ कई प्रतिष्ठानों की जांच होने से दुकानदारों के बीच हलचल रही। विभाग की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य एक्सपायरी सामग्री को ग्राहकों तक पहुंचने से रोकना और कारोबारियों को सुरक्षित खाद्य बिक्री के नियमों के प्रति जवाबदेह बनाना रहा। दोबारा उल्लंघन मिलने पर ठोस कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।