लोहरदगा के दुर्गा पूजा पंडालों में सीसीटीवी और अग्निशमन उपकरण अनिवार्य

लोहरदगा जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में सीसीटीवी, अलग प्रवेश-निकास मार्ग, अग्निशमन उपकरण और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

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लोहरदगा में दुर्गा पूजा की सुरक्षा तैयारियों पर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक

लोहरदगा में दुर्गा पूजा-2026 के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। नया नगर भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार मीणा ने की। इसमें पूजा की तैयारियों के साथ सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की गई।

बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों की शांति समितियों और पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के अलावा जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल हुए। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और आयोजकों से निर्धारित मानकों तथा मानक संचालन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

प्रशासन ने पंडाल निर्माण में नायलॉन के कपड़े का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक पंडाल में बालू से भरी बाल्टियां और चालू हालत में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा। थाना प्रभारियों को अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति का प्रमाणपत्र लेने को कहा गया है। विद्युत विभाग पंडालों के कनेक्शन की मानकों के अनुरूप जांच करेगा।

भीड़ प्रबंधन के लिए पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, उनकी फुटेज एक स्थान पर प्रदर्शित करने और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया गया। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग कतारें लगेंगी। प्रवेश तथा निकास के मार्ग भी अलग रखने होंगे। सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और आसपास उपयुक्त पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा गया है।

पूजा समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने होंगे। उन्हें पहचान पत्र और निर्धारित ड्रेस कोड देना होगा तथा उनकी सूची संबंधित थाने को उपलब्ध करानी होगी। प्रशासन ने व्हाट्सऐप, एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेशों को आगे नहीं बढ़ाने की अपील की। ऐसी सूचना मिलने पर नजदीकी थाना या प्रशासनिक अधिकारी को बताने को कहा गया है।

प्रतिमा विसर्जन केवल पहले से तय मार्ग और समय के अनुसार करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित कार्यक्रम में अंतिम समय पर बदलाव नहीं करने को कहा गया। डांडिया, रावण दहन या किसी अन्य सांस्कृतिक आयोजन से पहले प्रशासन को सूचना देना भी अनिवार्य होगा। अधिकारियों को अफवाहों की निगरानी और पूजा के दौरान समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।