लोहरदगा में जेटेट के लिए 27 केंद्र तैयार, 13,161 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

एक नवंबर को लोहरदगा में जेटेट 2026 दो पालियों में आयोजित होगी। प्रशासन ने प्रवेश, सुरक्षा, निगरानी और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

2 मिनट पढ़ें 7 बार पढ़ी गई
लोहरदगा में जेटेट 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित प्रशासनिक बैठक

लोहरदगा जिले में एक नवंबर को होने वाली झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले के 27 केंद्रों पर दो पालियों में कुल 13,161 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार मीना की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा, अभ्यर्थियों की जांच, प्रश्नपत्रों की ढुलाई और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई।

पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इसमें कक्षा छह से आठ के लिए 7,823 अभ्यर्थी शामिल होंगे। दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है, जिसमें कक्षा एक से पांच के लिए 5,338 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुबह नौ बजे के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रवेश से पहले सभी की जांच की जाएगी और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट सहित प्रतिबंधित सामग्री केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में लागू निषेधाज्ञा का पालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस और दंडाधिकारियों को दी गई है।

पेट्रोलिंग और स्टैटिक दंडाधिकारियों को आवंटित केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। परीक्षा स्थलों पर बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, बिजली, रोशनी, पेयजल, शौचालय और प्राथमिक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी केंद्रों की जरूरत के अनुसार वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति करेंगे।

परीक्षा के दिन निर्धारित समय पर वज्रगृह खोला जाएगा। वहां से प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट सुरक्षित तरीके से केंद्रों तक पहुंचाई जाएंगी तथा इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद ओएमआर शीट को तय प्रक्रिया के अनुसार सील कर सुरक्षित रखने का निर्देश केंद्राधीक्षकों को दिया गया है।

विधि-व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, चिकित्सा, बिजली, तकनीकी समस्या, प्रश्नपत्र में विसंगति या कदाचार से जुड़ी स्थिति सामने आने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना देनी होगी। प्रशासन ने परीक्षा संचालन से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है।