लोहरदगा में प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड पर चर्चा, कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थी ले सकेंगे भाग

आदिवासी शिक्षक मित्र मंडली की बैठक में ओलंपियाड की रूपरेखा साझा की गई। पंजीकरण 31 अक्टूबर तक चलेगा और परीक्षा 29 नवंबर को प्रस्तावित है।

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लोहरदगा में राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड पर चर्चा करते शिक्षक मंडली के सदस्य

लोहरदगा में आयोजित आदिवासी शिक्षक मित्र मंडली की बैठक में प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड की रूपरेखा पर चर्चा की गई। यह प्रतियोगिता कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। पहल का उद्देश्य बच्चों की बौद्धिक क्षमता को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आदिवासी समाज की संस्कृति, इतिहास और विरासत से परिचित कराना है।

बैठक में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के संयोजक विनोद भगत, बीएस कॉलेज के गणित के प्रोफेसर डॉ. अर्जुन लकड़ा और ओलंपियाड टीम के डॉ. विनीत कुमार भगत ने आयोजन से जुड़ी जानकारी साझा की। वक्ताओं ने कहा कि प्रतिभावान बच्चों को उचित अवसर और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए शिक्षक, स्वयंसेवक तथा सामाजिक संगठनों की भागीदारी जरूरी है।

ओलंपियाड के लिए पंजीकरण 14 सितंबर से शुरू हो चुका है और इसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को कराई जानी है। पंजीकृत विद्यार्थियों को तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री की बुकलेट निःशुल्क देने की योजना है, जिसे वे अपने जिला समन्वयकों से प्राप्त कर सकेंगे।

आयोजकों के अनुसार, अभियान से झारखंड के अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के स्वयंसेवक तथा शिक्षाप्रेमी भी जुड़ रहे हैं। इस सहभागिता के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों के आदिवासी विद्यार्थियों को एक साझा शैक्षणिक मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

विद्यार्थियों के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार की त्रिस्तरीय योजना तैयार की जा रही है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को लैपटॉप, टैबलेट या नकद पुरस्कार देने का प्रस्ताव है। बैठक में लोहरदगा और आसपास के ग्रामीण इलाकों से अधिक बच्चों का पंजीकरण कराने के लिए संयुक्त प्रयास की अपील की गई।

चर्चा में आधुनिक विषयों की पढ़ाई के साथ बच्चों को अपने इतिहास, परंपराओं और सामुदायिक ज्ञान से जोड़ने पर जोर दिया गया। शिक्षक मंडली के सदस्यों ने आयोजन को विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के अनुकूल वातावरण देने की दिशा में एक पहल बताया। बैठक में सतीश, संतोष और विनोद सहित मंडली के कई सदस्य उपस्थित थे।