लोहरदगा में वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर दी गई श्रद्धांजलि

अंजुमन मार्केट स्थित पुराना मदरसा बाबा दुखन शाह परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के साहस और बलिदान को याद किया।

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लोहरदगा में वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस कार्यक्रम में उपस्थित लोग

लोहरदगा के अंजुमन मार्केट स्थित पुराना मदरसा बाबा दुखन शाह परिसर में परमवीर चक्र से सम्मानित वीर अब्दुल हमीद का 61वां शहादत दिवस मनाया गया। खिदमत फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और देश की रक्षा में दिए गए उनके बलिदान को याद किया।

कार्यक्रम में महेश कुमार सिंह ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने आज की पीढ़ी को अब्दुल हमीद की जीवन यात्रा और उनके बलिदान से प्रेरणा लेने की आवश्यकता बताई।

खिदमत फाउंडेशन के अध्यक्ष मुमताज अहमद ने वीर अब्दुल हमीद के सैन्य साहस का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुश्मन सेना के टैंकों का बहादुरी से सामना करने वाला उनका शौर्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बना रहेगा। कार्यक्रम का केंद्र उनके योगदान से युवाओं और बच्चों को परिचित कराना रहा।

शिक्षक नेता शैलेंद्र सुमन ने गाजीपुर के इस वीर सपूत को देशवासियों के लिए स्थायी प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने बच्चों को वीर अब्दुल हमीद के जीवन और कार्यों की जानकारी देने पर जोर दिया। किसुन दास, मोहम्मद जफर, शिक्षक तौहीद आलम, इनामुल हक और मोहम्मद असलम ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे।

श्रद्धांजलि सभा में एस खालिद शाह, गुलाम मुर्तजा खलीफा, हाफिज मोहम्मद शफीक, कारी मोहम्मद रेहान, मोहम्मद साहेब खलीफा, रफीक मल्लिक, परवेज अंसारी, शिक्षक रिजवान जाहिद और अन्य स्थानीय लोग शामिल हुए। मदरसे के बच्चों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने साहस, देशसेवा और बलिदान के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की बात कही।